डीडवाना-कुचामन के परबतसर क्षेत्र में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने समय पर मानदेय नहीं मिलने और लंबित मांगों के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 15 जुलाई से पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। कार्मिकों ने आरोप लगाया कि विभाग को मानदेय भुगतान और अन्य समस्याओं के बारे में कई बार लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया गया है। हालांकि, उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका कहना है कि नियमित मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने बताया कि वे कम मानदेय पर काम करती हैं। इसके बावजूद, वे सरकार की सभी योजनाओं, शिविरों और अन्य गतिविधियों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से अपनी सेवाएं देती हैं। उनका आरोप है कि उनकी न्यायोचित और बुनियादी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। अपनी मांगों के समर्थन में, परबतसर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने शुक्रवार को सामूहिक रूप से अपने-अपने केंद्र नहीं खोलने का निर्णय लिया। कार्मिकों ने प्रशासन को 14 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया और अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो 15 जुलाई से कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोला जाएगा। साथ ही, वे सरकार की किसी भी योजना या अन्य सरकारी गतिविधि में भाग नहीं लेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।