झालावाड़ में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और अपने भविष्य को संवारने के प्रति जागरूक करना था। इसका मुख्य विषय ‘‘ड्रग्स को कहें ना, अपने सपनों को कहें हाँ’’ रखा गया। कार्यशाला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार मीणा मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरोलिया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य और सपने बेहद कीमती होते हैं। उन्होंने बताया कि नशा न केवल शरीर को नष्ट करता है, बल्कि व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता और उसके सपनों को भी खत्म कर देता है। उन्होंने छात्रों से किसी भी प्रकार के बहकावे में न आने और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने का आग्रह किया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार मीणा ने छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन और तस्करी से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा जिले में पदस्थापित सभी न्यायिक अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार के स्कूलों में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में 'नशे को कहें ना, अपने सपनों को कहो हाँ', 'नशा कोई स्टाइल नहीं', और 'अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करें' जैसे विषयों पर चर्चा कर बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। 11 से 18 जुलाई तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान इधर विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य योग्य दंपत्तियों में सीमित परिवार, मां एवं शिशु कल्याण, अनियोजित गर्भधारण की रोकथाम और बच्चों के जन्म में स्वस्थ अंतराल बनाए रखने के लिए व्यापक जन-जागरूकता पैदा करना है। उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार नागर ने बताया कि इस वर्ष आयोजित होने वाली विश्व जनसंख्या दिवस कार्यक्रम के लिए समस्त प्रचार-प्रसार गतिविधियां मुख्य रूप से ‘‘जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल’’ के मूल स्लोगन (थीम) पर आधारित होंगी।