प्रतापगढ़ के हथुनिया स्थित महाराणा प्रताप बटालियन आरएसी के कांस्टेबल को मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्तता के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। कांस्टेबल पर कानूनी जानकारी होने के बावजूद नशे की तस्करी में शामिल होने का आरोप है। यह मामला पुलिस थाना सदर चित्तौड़गढ़ के एनडीपीएस एक्ट से संबंधित है। इसमें महाराणा प्रताप बटालियन आरएसी आईआर हथुनिया की ए कंपनी के कॉन्स्टेबल सरजीत की मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्तता उजागर हुई थी। इसके बाद मामले की विभागीय जांच शुरू की गई। विभागीय जांच में कांस्टेबल सरजीत को दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार पुलिस विभाग का हिस्सा होने और कानून की जानकारी रखने के बावजूद सरजीत मादक पदार्थ तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल था। इस कृत्य को विभागीय आचरण और नियमों का गंभीर उल्लंघन और नैतिक पतन माना गया। कॉन्स्टेबल सरजीत को तत्काल प्रभाव से राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 19 (2) के तहत की गई है। बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई के माध्यम से एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल में रहते हुए आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।