भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बारां जिला इकाई ने सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया। कोटा रोड स्थित सांसद कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन, राष्ट्रवाद और कश्मीर नीति पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने की, जबकि पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र नागर मुख्य अतिथि रहे। वरिष्ठ नेता यशभानु जैन, रामस्वरूप यादव और नंदलाल सुमन भी उपस्थित थे। अतिथियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने डॉ. मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता के लिए केंद्रीय मंत्री पद का त्याग किया था। उन्होंने डॉ. मुखर्जी के संकल्प "एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे" का उल्लेख किया, जिसके साथ उन्होंने जम्मू-कश्मीर की विशेष व्यवस्था का विरोध किया और राष्ट्र की अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। सिकरवार ने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाया जाना डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वरिष्ठ नेता यशभानु जैन ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उद्योग मंत्री पद से इस्तीफा दिया और भारतीय जनसंघ की स्थापना कर वैचारिक राजनीति की मजबूत नींव रखी। उन्होंने जोर दिया कि कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष भारतीय इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र नागर, रामस्वरूप यादव और नंदलाल सुमन ने भी डॉ. मुखर्जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला महामंत्री लक्ष्मीनारायण केरवालिया, राकेश जैन, पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल, उप जिला प्रमुख छीतरलाल मेघवाल, शहर मंडल अध्यक्ष ओपी पारेता सहित कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने किया।