राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को ईसरदा बांध प्रोजेक्ट का निरीक्षण कर रिव्यू किया। उन्होंने कहा- यह राजस्थान की महत्वपूर्ण परियोजना है। पार्वती, कालीसिंध परियोजना के अंतर्गत बहुत बड़ा प्रोजेक्ट हैं। फेस ऑफ वर्क, क्वालिटी वर्क से संतुष्ट हूं। समय पर इसका कार्य पूरा हो, इसके लिए अधिकरियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत कीं। उन्होंने कहा- इस प्रोजेक्ट से दौसा और सवाई माधोपुर जिले के एक हजार से ज्यादा गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। उन्होंने कहा- मैं जून महीने में फिर से आऊंगा, क्योंकि इस परियोजना को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा गंभीर है। उनकी मंशा है कि इसका लाभ लोगों को समय पर मिले। ऐसे में समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। 1256 गांवों और 6 शहरों को मिलेगा पानी मुख्य सचिव आज दोपहर ईसरदा बांध पहुंचे, जहां टोंक कलेक्टर टीना डाबी और सवाई माधोपुर कलेक्टर कानाराम भी मौजूद थे। उन्होंने दोनों कलेक्टर से बांध की जानकारी ली। ईसरदा बांध से सवाई माधोपुर और दौसा के 1256 गांवों, 6 शहरों को पीने का पानी सप्लाई होगा। इसका कार्य जुलाई महीने में खत्म होना है। मुख्य सचिव ने अफसरों से बांध पर लिफ्ट, इनटेक वेल और पंप सिस्टम के साथ जल के प्रबंधन के लिए स्काडा सिस्टम की जानकारी ली। इंस्पेक्शन टनल समेत सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने मौजूद इंजीनियर्स से कहा कि वे दिल लगा कर काम पूरा करें। पहले चरण में सवा तीन टीएमसी पानी रोका प्रथम चरण में इस बांध में 256 आर.एल. मीटर तक (3.24 टीएमसी) भरा गया है। इसके पानी से दौसा जिले के 1079 गांव व 5 शहर और सवाई माधोपुर जिले के 177 ग्राम व एक शहर सहित लगभग 35.13 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। दूसरा चरण पूरा होने पर बांध की भंडारण क्षमता 10.77 टीएमसी तक बढ़ेगी। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि गेटों की ऊंचाई बढ़ाने सहित द्वितीय चरण के कार्यों को तय समय तक पूरा किया जाए और नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बता दें कि इंटेक वेल और पंप हाउस से दौसा और सवाई माधोपुर के 1256 गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी।