बांसवाड़ा में पेयजल संकट की हकीकत सामने आई जब कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने खुद हैंडपंप चलाया, लेकिन उसमें पानी नहीं आया। इसके बाद उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 24 घंटे में बंद पड़े हैंडपंप दुरुस्त किए जाने चाहिए। जहां पाइपलाइन या तकनीकी खामी के कारण पानी नहीं पहुंच रहा, वहां तुरंत टैंकर से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। अवकाश के दिन भी विशेष अभियान के तहत कलेक्टर ने बड़वी, लक्ष्मण झरी और चाचा कोटा सहित कई क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही जलदाय विभाग को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूप में मिलने वाली पेयजल की समस्याओं का तुरंत निस्तारण किया जाए। हर ब्लॉक में तैयार हुई ग्राउंड रिपोर्ट अवकाश दिन निरीक्षण के दौरान हर पंचायत समिति में SDM, BDO, तहसीलदार और पीएचईडी के अधिकारियों ने समन्वित रूप से फील्ड में उतरकर निरीक्षण किया। प्रत्येक ब्लॉक में अधिकारियों ने कम से कम 2-2 ग्राम पंचायतों का बारीकी से निरीक्षण कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। ​निरीक्षण के दौरान बंद पड़े हैंडपंपों को 24 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। जिन क्षेत्रों में जल संकट अधिक है, वहां तुरंत टैंकर सप्लाई शुरू करने के आदेश दिए गए। इसके साथ ही गांवों में मवेशियों के लिए बनी खेलियों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए। कलेक्टर ने बांसवाड़ा पंचायत समिति के बड़वी, लक्ष्मण झरी, उपला घंटाला और पर्यटन स्थल चाचा कोटा का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया और जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति जानी। बोले- जलदाय विभाग को शिकायत तुरंत निपटाए कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने कहा कि ग्रीष्मकाल में आमजन और पशुधन को पानी उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल कनेक्शन को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी क्षेत्र में समस्या के समाधान में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जहां पाइपलाइन कार्य अधूरा है या तकनीकी खराबी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकरों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। पीएचईडी विभाग को नियंत्रण कक्ष के माध्यम से शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।