राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मंगलवार को निजी दौरे पर झुंझुनूं पहुंचे। यहां उन्होंने गणितज्ञ और समाजसेवी डॉ घासीराम वर्मा के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर कानून व्यवस्था, प्रशासन, शिक्षा, गर्मी और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर बयान दिए। मुलाकात में डॉ वर्मा के सामाजिक योगदान का भी जिक्र किया गया। घासीराम वर्मा को बताया शेखावाटी के गांधी मुलाकात के बाद गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि डॉ घासीराम वर्मा शेखावाटी के महात्मा गांधी हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहकर उन्होंने जो कमाया, वह सब शेखावाटी में महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं की शिक्षा के लिए दान कर दिया। आज भी उन्हें 85 लाख रुपए सालाना पेंशन मिलती है, जिसे वे पूरी तरह बेटियों की पढ़ाई पर खर्च कर देते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी शख्सियत होने के बावजूद वे सादगी से जीवन जीते हैं और सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। सरकार पर विजन और प्रशासन को लेकर सवाल डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में विजन की कमी है और सरकार न सुन रही है और न मंत्री सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्यूरोक्रेट्स हावी हैं और कोई फ्लैगशिप योजना नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली से पर्ची आती है और मुख्यमंत्री बन जाते हैं। वर्तमान में राजस्थान की जमीनें और टेंडर 'गुजराती लोगों' को देने का काम हो रहा है। शिक्षा और स्कूलों को लेकर बयान पूर्व शिक्षा मंत्री डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार स्कूलों को बंद करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शिक्षा जरूरी है और इस मुद्दे पर उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि एक बार शिक्षा मंत्री मुझे मिलें, मैं उन्हें बताऊंगा कि आज के दौर में अंग्रेजी शिक्षा कितनी जरूरी है। ​गर्मी और प्रशासनिक गतिविधियों पर टिप्पणी प्रदेश में 45 से 47 डिग्री तापमान का जिक्र करते हुए डोटासरा ने कहा कि जनता पानी के लिए परेशान है, लेकिन सरकार सक्रिय नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों की मीटिंग नहीं हो रही, प्रभारी मंत्री दौरे पर नहीं हैं और जनप्रतिनिधियों से संवाद नहीं किया जा रहा। विकास कार्य और फंड पर आरोप डोटासरा ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय हुए विकास कार्यों का पैसा रोक दिया गया है, जिससे नए काम प्रभावित हो रहे हैं और कई योजनाएं रुकी हुई हैं। महिला आरक्षण और परिसीमन पर बयान महिला आरक्षण बिल पर डोटासरा ने कहा कि यह बिल महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है, जबकि भाजपा परिसीमन के जरिए संविधान की व्यवस्थाओं में बदलाव चाहती थी और साधारण बहुमत से संशोधन करना चाहती थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया।