राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया गया है। चित्तौड़गढ़ के सक्रिय और लंबे समय से पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता नीतीश सुराणा को कोटा नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र का पीसीसी ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संगठन में उनकी सक्रियता, अनुभव और मजबूत पकड़ को देखते हुए की गई है। डोटासरा ने जारी की ऑब्जर्वर सूची, जोशी के माने जाते हैं करीबी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार देर रात प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों के लिए ऑब्जर्वरों की सूची जारी की। सुराणा को पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.पी. जोशी और डोटासरा के करीबी कार्यकर्ताओं में गिना जाता है। संगठन में उनकी लगातार सक्रिय भूमिका के चलते पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। इससे पहले भी वे जिला अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदारों में शामिल रहे हैं। प्रदेशभर में नियुक्तियां, संगठन को मजबूत करने की कवायद इस सूची के जरिए कांग्रेस ने आगामी रणनीति को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। चित्तौड़गढ़ जिले की विभिन्न विधानसभा सीटों पर भी ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। कपासन में मनीष पलड़िया, बेगूं में अविचल व्यास, चित्तौड़गढ़ में नरेंद्र सिंह गुड़ा, निंबाहेड़ा में राज सिंह झाला और बड़ी सादड़ी में अभिमन्यु सिंह झाला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नीतीश सुराणा को कोटा नॉर्थ जैसी महत्वपूर्ण सीट की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने अनुभवी और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। युवा नेतृत्व में मजबूत पहचान बना चुके हैं सुराणा नीतीश सुराणा का जन्म 13 अप्रैल 1990 को हुआ था और वे वर्तमान में युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा वे पाली संभाग के सह प्रभारी और राजसमंद-भीलवाड़ा के जिला प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। लंबे समय से वे कांग्रेस संगठन के विभिन्न पदों पर रहकर सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं और युवा कांग्रेस में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ‘संविधान बचाओ, संगठन बचाओ’ अभियान को देंगे गति नियुक्ति के बाद नीतीश सुराणा ने कहा कि वे कांग्रेस के ‘संविधान बचाओ, संगठन बचाओ’ अभियान को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस विषय पर बैठक आयोजित की जाएगी और संगठन को मजबूत बनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं को एकजुट कर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। नई जिम्मेदारी के साथ सुराणा के सामने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की चुनौती होगी, जिसे वे अपने अनुभव और कार्यशैली के दम पर पूरा करने का प्रयास करेंगे।