पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राममंदिर मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही मौजूदा राममंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग भी उठाई है। अशोक गहलोत ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को नया ट्रस्ट बनाकर योगी आदित्यनाथ को उसका अध्यक्ष बनने का सुझाव दिया है। इसके साथ गहलोत ने कहा कि जब मंदिर बन रहा था, तब भरतपुर के बंशी पहाड़पुर से अवैध खनन करके पत्थर जा रहा था। इल्लीगल माइनिंग हो रही थी। गहलोत ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा- मैं योगी से कहना चाहूंगा कि नया ट्रस्ट बनाओ, आप खुद अध्यक्ष बन जाओ, यूपी सीएम इसके अध्यक्ष बन जाएं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चढ़ावा चोरी की एसआईटी से जांच करवाएं। जांच पूरी होने के बाद नया ट्रस्ट बनाकर योगी खुद अध्यक्ष बन जाएं। ट्रस्ट में सभी तरह के लोगों को शामिल करें, केवल आरएसएस, बीजेपी के लोग ही ट्रस्ट में नहीं रहें। गहलोत ने कहा- पहले पीवी नरसिम्हा राव के समय सभी विचारधाराओं के लोग थे, अगर उस समय की तरह ट्रस्ट बनता तो आज यह नौबत नहीं आती। इन्होंने वीएचपी, आरएसएस के लोगों को ही ट्रस्ट में मेंबर बना दिया, ट्रस्ट में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की। चंपत राय मुझसे मिलने आए थे, मैंने कहा था पवित्र काम में अवैध पत्थर मत ले जाओ, लीगल पत्थर ले जाओ गहलोत ने कहा- राजस्थान के लोगों का एक अलग लगाव है, क्योंकि जब मंदिर बन रहा था, तब भरतपुर के बंशी पहाड़पुर से अवैध खनन करके पत्थर जा रहा था। इल्लीगल माइनिंग हो रही थी। भरतपुर के बंसी पहाड़पुर से पत्थर मंदिर बनने के लिए जा रहा था। मिस्टर चंपत राय मेरे से मिले थे। एक अन्य कोई दिनेश करके थे, वे भी आए थे। मैंने उनको कहा- आप राम मंदिर का पवित्र काम करने की बात करते हो तो अवैध पत्थर मत ले जाओ। आप लीगल माइनिंग का पत्थर ले जाओ। नृपेंद्र मिश्र मेरे संपर्क में आए, बंशीपहाड़पुर के इलाके को फोरेस्ट से निकलवाया गहलोत ने कहा- बंसी पहाड़पुर का जो एरिया था, वहां पर इल्लीगल माइनिंग हो रही थी तो बात फिर पीएमओ तक गई। फिर मिस्टर नृपेंद्र मिश्रा मेरे संपर्क में आए और उनको पूरी बात समझाई गई। फिर हमने उस इलाके को फोरेस्ट से निकलवाने की सिफारिश की। उस इलाके को फोरेस्ट एरिया से निकाला गया। राम मंदिर का मामला था तो आराम से काम भी हो गया। वरना तो वो बरसों लग जाते हैं, निकलता नहीं है। हमें धन्यवाद भी दिया गया, वो अलग बात है। राममंदिर चढ़ावे की चोरी से हर हिंदू दुखी, उसकी आस्था पर चोट गहलोत ने कहा- राममंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी से हर हिंदू दुखी है। उसकी आस्था को चोट पहुंची है। इस पवित्र काम में भी चोरी हो जाए, पूरे देश के अंदर हर गांव में, हर घर में चर्चा होने लग गई है। यह एक विश्वासघात वाली बात हो गई। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो गहलोत ने कहा- राममंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो। अभी तो यूपी सरकार की एसआईटी है, वो आनन फानन में बनी। एफआईआर होने से पहले ही एसआईटी बना दी। इसमें तहकीकात होना बहुत जरूरी है। करोड़ों लोगों की आस्था पर चोट पहुंची है।