सीकर में गौरक्षा को लेकर संत समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। 27 अप्रैल को रैली और प्रदर्शन के माध्यम से गौवध पर सख्त कानून बनाने की मांग उठाई जाएगी। संतों का कहना है कि गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कदम जरूरी हैं, जिसे लेकर जनजागरण भी किया जाएगा। सीकर शहर में स्थित कल्याण धाम में आज गौ सम्मान आह्वान अभियान की बैठक हुई। बैठक में शेखावाटी क्षेत्र के कई संत-महंत भी पहुंचे। पालवास करणी गौशाला के महंत चंद्रमादास महाराज ने गौ वंश के संरक्षण व संवर्द्धन के‌ लिए अब गौ सम्मान आह्वान अभियान चलाया जाएगा। 27 अप्रैल 2026 को गौ सम्मान दिवस मनाया जाएगा और गौ माता राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए पूरे देश में जिला‌ कलेक्टर और तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम‌ ज्ञापन दिया जाएगा। चंद्रमादास महाराज ने बताया कि 27 अप्रैल‌ को सीकर जिले के सभी तहसील मुख्यालयों और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। सीकर में कल्याण धाम से कलेक्ट्रेट तक रैली निकलेगी और फिर मांग पत्र सौंपा जाएगा। इससे पहले गाय को राष्ट्रीय दर्जा देने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरु किया गया है। 27 अप्रैल की रैली के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। गाय को माता कहने वाले देश में गाय की हत्या ना रुकना शर्मिंदगी कल्याण धाम के महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने कहा कि गौ सम्मान आह्वान अभियान तब तक चलेगा, जब तक देश में गायों की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान, अनुदान सुनिश्चित नहीं हो‌ जाता। कार्यक्रम को महावीर जति महाराज, लड्डू गोपालदास महाराज, माधव दास महाराज, पाराशरनाथ महाराह समेत कई संतों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि गाय को माता कहने वाले देश में गाय की हत्या ना रुकना शर्मिंदगी का विषय है।