शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने दावा किया कि पूरे देश में राजस्थान ऐसा एकमात्र प्रदेश है, जहां सरकारी स्कूल प्रदर्शन के मामले में प्राइवेट स्कूलों से आगे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने भी इस बात का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक, स्टूडेंट्स और अधिकारियों की मेहनत से यह बदलाव संभव हुआ है। दिलावर सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2026 को संबोधित कर रहे थे। एक लाख जर्जर कमरों को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा ठीक दिलावर ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में स्कूल भवनों की समय पर मरम्मत नहीं होने से कई भवन जर्जर हो गए। इसका दुखद परिणाम झालावाड़ की घटना के रूप में सामने आया, जिसमें बच्चों की जान गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने संकल्प लिया है कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। प्रदेशभर में जर्जर स्कूल भवनों की पहचान कर ली गई है। जो भवन पूरी तरह अनुपयोगी थे, उन्हें हटाया गया है और जिनकी मरम्मत संभव है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब एक लाख स्कूल कक्ष जर्जर हैं, इसलिए सभी काम एक साथ संभव नहीं है। इसमें समाज और भामाशाहों के सहयोग की भी जरूरत है। सरकारी स्कूलों के बच्चों का प्रदर्शन बेहतर शिक्षामंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी बेहतर परिणाम देकर यह साबित कर रहे हैं कि वे किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे निजी स्कूल, जिनकी सालाना फीस एक, दो या तीन लाख रुपए तक है, वे भी कई मामलों में सरकारी स्कूलों की बराबरी नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। नीति आयोग ने भी माना राजस्थान मॉडल दिलावर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार देश में सामान्य रूप से प्राइवेट स्कूल सरकारी स्कूलों से आगे हैं, लेकिन राजस्थान इसका अपवाद है। यहां सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर है और यह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन रहा है। 40 नंबर से कम परिणाम पर शिक्षक की होगी जवाबदेही शिक्षामंत्री ने कहा कि पहले विद्यार्थी 33 अंक लाकर पास हो जाता था, जिसमें 20 अंक सत्रांक और 13 अंक लिखित परीक्षा के होते थे। अब शिक्षकों से कहा गया है कि यदि उनके विद्यार्थियों का प्रदर्शन 40 प्रतिशत से कम रहता है तो संबंधित शिक्षक की जवाबदेही तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनका इंक्रीमेंट रोका जा सकता है, निलंबन या दूरस्थ स्थान पर ट्रांसफर भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और इसका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है। अच्छा काम करने वाले शिक्षकों का 5 साल तक नहीं होगा ट्रांसफर दिलावर ने कहा कि जो शिक्षक अच्छा काम करेंगे, उनका पांच साल तक स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। वहीं जिनके काम में कमी मिलेगी, उनका ट्रांसफर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर काम के लिए प्रोत्साहित करना और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। 276 से अधिक भामाशाहों और दानदाताओं का हुआ सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक और एनआरआई दानदाताओं का सम्मान किया गया। इनमें 154 भामाशाह, 99 प्रेरक और 23 एनआरआई दानदाता शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में इन सहयोगियों से शिक्षा विभाग को 318 करोड़ रुपए का सहयोग मिला, जिससे सरकारी स्कूलों में भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, आधारभूत सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों को गति मिली।