प्रदेश में पिछले साल वृक्षारोपण अभियान के तहत सरकार ने 11.57 करोड़ पेड़ लगाने का दावा किया, लेकिन मौके पर भैतिक सत्यापन में केवल 1.69 करोड़ पेड़ ही मिले हैं, बाकी का भौतिक सत्यापन नहीं हो सका है। राज्य सरकार की तरफ से संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वृक्षारोपण अभियान के तहत 11.57 करोड़ पेड़ लगाकर उनकी जियो टैगिंग की गई, लेकिन मौके पर 1.69 करोड़ पेड़ों का ही वेरिफिकेशन हो सका। अभियान में लगाए गए पेड़ों में से सरकार ने 80 फीसदी से ज्यादा के जीवित होने का दावा किया है। माकपा सांसद अमराराम के सवाल के जवाब में केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने बताया कि राजस्थान में पिछले साल लगाए गए 1.69 करोड़ पेड़ों का वेरिफिकेशन हो चुका है, लगाए गए, जिनमें से 1.36 करोड़ पेड़ जीवित हैं। पिछले साल लगाए गए 32.46 लाख पेड़ अलग-अलग कारणों से खत्म हो गए। वृक्षारोपण अभियान के दौरान लगाए गए 19 फीसदी पेड़ खत्म हो गए। सर्वाइवल रेट 80 फसदी से ज्यादा है। जयपुर नगर निगम सहित छह विभागों के लगाए सभी पेड़ जीवित होने का दावा संसद में दिए जवाब के अनुसार राजस्थान में 6 विभाग और एजेंसियां ऐसी हैं जहां पिछले साल वेरिफाइ किए गए सभी पेड़ जीवित हैं। इसके अलावा SKN कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, युवा कार्यक्रम, खेल विभाग, गौपालन विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और BSF कैम्पस में लगाए गए सभी पेड़ जीवित हैं। वन विभाग ने एक साल में पेड़ों पर खर्च किए 127.78 करोड़ जवाब के अनुसार वन विभाग ने पिछले साल किए गए वृक्षारोपण के बाद पेड़ों की देखभाल, रखरखाव पर 127.78 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।