जोधपुर के रहने वाले टी.एस. चौहान ने इसरो की नौकरी छोड़कर राजस्थान यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू किया। उन्होंने अब तक 35 किताबें लिखीं। जो राजस्थान सहित देश की कई यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को पढ़ाई जा रही हैं। हाल ही टी.एस. चौहान ने करीब साढ़े 3 साल की मेहनत के बाद राजस्थान के भूगोल पर एक बुक तैयार की। इस बुक में साल 2025 तक के अपडेटेड आंकड़े शामिल किए गए हैं। बता दें कि राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) में भूगोल विभाग से प्रोफेसर पद से टी.एस. चौहान रिटायर हुए हैं। उन्होंने कहा- स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को अक्सर राजस्थान के बदलते भूगोल और राजनीतिक परिदृश्य की पूरी जानकारी एक जगह नहीं मिल पाती। इसी कमी को दूर करने के लिए प्रो. चौहान ने यह कदम उठाया। इसरो में 2 साल की नौकरी, जॉब छोड़कर पिता के पास लौटे प्रो. चौहान ने बताया- मैंने साल 1976 में जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी (JNVU) से भूगोल में एमए (MA) किया था। इसके बाद मैंने काजरी (CAZRI) में रिसर्च एसोसिएट के तौर पर 3 साल तक काम किया। साल 1982 में मेरा चयन हैदराबाद में इसरो (ISRO) में हो गया। वहां मैंने 2 साल तक काम किया, लेकिन मजबूरी यह थी कि मुझे हैदराबाद में सेटल होना पड़ता। ऐसे में पिता की सेवा और उनके पास रहने के लिए प्रो. चौहान ने इसरो जैसी बड़ी नौकरी छोड़ दी और वापस राजस्थान आ गए। इसके बाद साल 1986 में मैंने राजस्थान यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग में बतौर फैकल्टी जॉइन किया। यहां मैंने करीब 30 साल तक सेवाएं दीं और साल 2013 में मैं रिटायर हुआ। चौहान की लिखी किताबें देश-प्रदेश की यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई जाती प्रो. चौहान अकादमिक करियर में अब तक 12 अलग-अलग विषयों पर 60 स्टूडेंट्स को पीएचडी करवा चुके हैं। इसके अलावा वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भारत का भूगोल और राजस्थान का भूगोल विषय पर कई टेक्स्ट बुक लिख चुके हैं। उनके द्वारा अंग्रेजी में लिखी 35 संदर्भ किताबें आज भी देश की कई यूनिवर्सिटीज के सिलेबस का हिस्सा हैं। उनकी इस नई किताब का साइंटिफिक पब्लिशर्स ने प्रकाशित किया है। इसमें राजस्थान के इतिहास से लेकर वर्तमान तक के सभी भौगोलिक और राजनीतिक बदलावों को बहुत ही बारीकी से दर्शाया गया है। इस किताब को समझने में आसानी हो। इसके लिए इसमें करीब 100 नक्शे और कई स्पॉट फोटोग्राफ्स भी जोड़े गए हैं। इसके अलावा इन्होंने राजस्थान के भूगोल का अंग्रेजी संस्करण Geography Of Rajasthan भी लिखी है।