नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रिफाइनरी हादसे को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार रिफाइनरी में लगी आग मामले में जिम्मेदारी लेने से बच रही है और जवाबदेही से दूर भाग रही है। मुख्यमंत्री के बयानों से लगता है कि सरकार जिम्मेदारी लेने की बजाय एक-दूसरे पर आरोप लगाने में लगी हुई है। साथ ही नेता प्रतिपक्ष जूली ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आमजन में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। सरकार सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगी हुई हैं। ये बयान नेता प्रतिपक्ष जूली ने मंगलवार को अलवर के मोती डूंगरी स्थित कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद दिए। उन्होंने रिफाइनरी हादसे पर कहा कि इतिहास में पहली बार इस तरह की घटना सामने आई है और अभी तक शुरुआती स्तर पर भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग कैसे लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना पहले ही 5 साल देरी से चली, जिससे लागत दोगुनी हो गई और अब इस तरह की घटना सामने आना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। थाने में नाबालिग के साथ मारपीट मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग जूली ने भिवाड़ी में थाने के अंदर नाबालिग के साथ मारपीट की घटना पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, बांसवाड़ा में हत्या और आगजनी जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मामलों पर ध्यान नहीं दे रही हैं। विरोध करने वालों की दबाई जाती है आवाज जूली ने पानी की समस्या को लेकर आवाज उठाने वाली एक महिला पर राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करने को गलत बताया। उन्होंने इसे सरकार की तानाशाही करार देते हुए कहा कि आम लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी विरोध करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई करवाई जाती है, ऐसे तो कोई आवाज ही नहीं उठा पाएगा।