नाथद्वारा नगर पालिका की करीब एक साल से लंबित टेंडर प्रक्रिया को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी टेंडर को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता। संबंधित अधिकारियों को एक महीने के भीतर यह तय करना होगा कि टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी या निरस्त की जाएगी। साथ ही अपने फैसले के कारण भी स्पष्ट करने होंगे। टेंडर जारी हुए, फिर प्रक्रिया रोक दी गई यह आदेश निवर्तमान पालिकाध्यक्ष मनीष राठी की ओर से दायर याचिका पर न्यायमूर्ति मुन्नुरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने सुनाया। याचिका में बताया गया कि नगर पालिका ने 12 अगस्त 2024 को सड़क और स्ट्रीट लाइट सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए टेंडर जारी किए थे। 23 अगस्त 2024 को तकनीकी बिड खोली गई, लेकिन इसके बाद पूरी प्रक्रिया रोक दी गई। न तो इसके पीछे कोई कारण बताया गया और न ही आगे कोई कार्रवाई की गई। नियमों का हवाला देकर मांगा था समयबद्ध निर्णय याचिकाकर्ता की ओर से राजस्थान ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट रूल्स, 2013 के नियम 40(2) का हवाला देते हुए समयबद्ध निर्णय की मांग की गई। इस पर हाईकोर्ट ने अधिकारियों को एक महीने के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया। लंबित टेंडर से विकास कार्य प्रभावित मनीष राठी ने कहा कि हाईकोर्ट के इस आदेश से विकास कार्यों में तेजी आएगी और आम लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़े टेंडर लंबित पड़े थे, जिससे शहर के कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे।