उत्तराखंड समाज को रियायती दर पर आवंटित जमीन को निरस्त करने के राज्य सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। यह भूमि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल में आवंटित की गई थी, जिसे भजनलाल सरकार ने बाद में निरस्त करने का आदेश जारी किया था। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निरस्तीकरण आदेश पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस शुभा मेहता की अदालत ने यह आदेश उत्तराखंड समाज समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। कोर्ट ने राज्य सरकार और हाउसिंग बोर्ड से चार सप्ताह में जवाब भी मांगा हैं। समिति की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता लवेश मामनानी ने कहा कि आवंटन निरस्त करने से पहले समिति को ना तो सुनवाई का मौका दिया गया, वहीं आवंटन निरस्त करने का कोई कारण भी नहीं बताया गया। ऐसे में इस आदेश पर रोक लगाई जाए। इस पर कोर्ट ने आवंटन निरस्त करने के आदेश पर रोक लगाते हुए उत्तराखंड समाज को आवंटित भूमि किसी तीसरे पक्षकार के हित में सृजित नहीं करने के लिए कहा हैं। प्रतापनगर में आवंटित हुई थी जमीन समिति की ओर से कहा गया था कि उन्हें गहलोत सरकार के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम, वृद्धजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रताप नगर आवासीय योजना सेक्टर 28 में 953 वर्गमीटर जमीन आवंटित की थी। जिसकी 2 प्रतिशत राशि भी समिति की ओर से 6 अक्टूबर 2023 को जमा करा दी गई थी। लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भजनलाल सरकार ने गहलोत सरकार के अंतिम 6 माह के फैसलों का रिव्यू करने के लिए मंत्रिमंडलीय एम्पावर्ड समिति बना दी। इस समिति की सिफारिश पर हाउसिंग बोर्ड ने 21 अप्रेल 2026 को हमें आवंटन निरस्त करने की सूचना दी। दो अन्य समाजों का भी आवंटन निरस्त किया उत्तराखंड समाज के साथ ही मंत्रिमंडलीय एम्पावर्ड समिति की सिफारिश पर हाउसिंग बोर्ड ने श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान और अग्रवाल समाज सेवा समिति प्रताप नगर को आवंटित जमीन को निरस्त कर दिया। इन समाजों को भी हाउसिंग बोर्ड ने रियायत दर पर प्रताप नगर में जमीनें आवंटित की थी। श्री दिगबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, वीरोदय नगर, चलियां रोड, सांगानेर को प्रताप नगर सेक्टर 28 में 2000 वर्गमीटर जमीन उच्च शिक्षार्थ बालिका छात्रावास भवन के लिए आवंटित की गई थी। इसी तरह से अग्रवाल समाज सेवा समिति प्रताप नगर को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए प्रताप नगर सेक्टर-28 में 1500 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई थी, जिसे निरस्त कर दिया गया। 2 अक्टूबर 2023 को समिति को रियायती दर पर भूखंड आवंटित 2 प्रतिशत राशि के रूप में 3.02 लाख रुपए जमा करवाए थे।