राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर शनिवार शाम भक्ति, संगीत और जिंदगी की सीख से गूंज उठा। लोकप्रिय स्टोरीटेलर और मोटिवेशनल स्पीकर RJ कार्तिक के शो ‘कथाएं, कीर्तन और कार्तिक’ में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही ऑडिटोरियम पूरी तरह भर चुका था। करीब दो घंटे तक चले इस आयोजन में लोगों ने कहानियों, भजनों और कीर्तन का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान आर जे कार्तिक ने जिंदगी के कई पहलुओं पर बात की। उन्होंने कहा कि “जगत में कोई ना परमानेंट”, इसलिए रिश्तों को संभालना और अपनों के लिए समय निकालना सबसे जरूरी है। उन्होंने लोगों से कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक-दूसरे के बीच बढ़ रही दूरियों को कम करने की जरूरत है। छोटी-छोटी मुलाकातें, बातचीत और अपनापन ही रिश्तों को मजबूत बनाते हैं। अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने अपनी चर्चित पंक्तियां अपने अंदाज़ में सुनाईं, इस पर पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में भजन क्लबिंग का अलग ही रंग देखने को मिला। जैसे ही ‘आए शरण तिहारी’ भजन शुरू हुआ, पूरा हॉल भक्ति के रंग में रंग गया। लोग अपनी सीटों पर खड़े होकर झूमने लगे और पूरे जोश के साथ भजन गाते रहे। इसके बाद ‘मन से बड़ा बहुरूपी’ गीत की प्रस्तुति हुई, जिसे पूरे ऑडिटोरियम ने एक सुर में गाया। आरजे कार्तिक ने अपनी खास स्टोरीटेलिंग शैली में जिंदगी, उम्मीद, रिश्तों और आत्मविश्वास से जुड़ी कई कहानियां भी सुनाईं। उनकी हर कहानी में जीवन का एक संदेश छिपा था, जिससे लोग खुद को जोड़ते नजर आए। ‘कथाएँ, कीर्तन और कार्तिक’ में पहली बार स्टोरीटेलिंग, कीर्तन और भजन क्लबिंग का ऐसा संगम देखने को मिला। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत तक लोगों का उत्साह बरकरार रहा। बड़ी संख्या में लोग आर जे कार्तिक से मिलने और उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए रुके रहे। कई लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव था जो उन्हें लंबे समय तक याद रहेगा।