राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच की ओर से IPL टिकटों के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड से बचने के लिए आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। वर्तमान में IPL-2026 सीजन के दौरान टिकटों की भारी मांग का फायदा उठाकर साइबर क्रिमिनर्ल्स क्रिकेट प्रेमियों को अपना शिकार बना रहे हैं। एसपी (साइबर क्राइम) शान्तनु कुमार सिंह ने आमजन को सचेत करते हुए बताया कि क्रिमिनर्ल्स नए-नए तरीकों से लोगों की मेहनत की कमाई हड़प रहे हैं। साइबर क्रिमिनर्ल्स के फ्रॉड के तरीके - फिशिंग और क्लोन वेबसाइट्स - क्रिमिनर्ल्स असली वेबसाइट (जैसे- BookMyShow) की नकल करते हैं। इनमें अंतर सिर्फ एक अक्षर का होता है (जैसे- bookmyshoww.com या ipl-tickets-2026.in)। यहां कार्ड डिटेल डालते ही आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। - सर्च इंजन विज्ञापन (SEO Fraud) - गूगल पर Buy IPL Tickets सर्च करने पर सबसे ऊपर दिखने वाले विज्ञापन कई बार फर्जी वेबसाइटों के होते हैं। स्कैमर्स पैसे देकर अपने फेक लिंक को टॉप पर रैंक करवाते हैं। - सोशल मीडिया के लुभावने ऑफर - इंस्टाग्राम, फेसबुक और टेलीग्राम पर वीआईपी पैसेज या कन्फर्म्ड टिकट के नाम पर फर्जी विज्ञापन चलाए जाते हैं। -नकली QR कोड का जाल - भुगतान के बाद क्रिमिनर्ल्स वॉट्सऐप पर फेक क्यूआर कोड या ई-टिकट भेजते हैं, जो वास्तव में स्टेडियम के गेट पर स्कैन नहीं होते। -इमरजेंसी का झांसा - सिर्फ 2 टिकट बचे हैं या डिस्काउंट ऑफर कहकर अपराधी तुरंत पेमेंट करने का मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हैं। बचाव के उपाय 1. टिकट हमेशा केवल आईपीएल की आधिकारिक वेबसाइट www.iplt20.com या अधिकृत पार्टनर (जैसे www.insider.in,BookMyShow से ही खरीदें। 2. भुगतान से पहले वेबसाइट की स्पेलिंग और https:// (सुरक्षित लॉक आइकन) की जांच अवश्य करें। 3. हमेशा सुरक्षित पेमेंट गेटवे का उपयोग करें। क्रेडिट कार्ड का उपयोग बेहतर है क्योंकि इसमें 'फ्रॉड प्रोटेक्शन' की सुविधा होती है। 4. यदि कोई डील "हकीकत से परे" (Too good to be true) लगे या बहुत सस्ती मिले, तो समझ लें कि वह धोखाधड़ी है। साइबर फ्रॉड पर करें शिकायत यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो बिना समय गंवाए इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100,ऑनलाइन पोर्टल https://cybercrime.gov.in या निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन पर दें।