नमस्कार जयपुर में तस्वीर भेंट करने के चक्कर में गृह राज्यमंत्रीजी चोट लगवा बैठे। अब कह सकते हैं-हमने स्वागत में खून-पसीना बहाया। नागौर में स्टंटबाजों ने सड़क को ‘मौत का कुआं’ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अजमेर में किशनगढ़ वाले सावधान, जूता-चोर घूम रहा है और आमेर में नई सड़क की लैब टेस्टिंग होगी। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. गृह राज्यमंत्रीजी को लगी 'चोट' कोई-कोई चोट भी यादगार होती है, प्रिय होती है, उस पर स्नेह आता है। ऐसी चोट ‘अहोभाग्य’ वाली होती है। भाजपा संगठन के राष्ट्रीय मुखिया जयपुर आए। रोड शो के दौरान स्वागत में क्या संगठन, क्या कार्यकर्ता, क्या नेता और क्या मंत्री-संतरी। सब जुट गए। कोई चाहता था कि एक बार वे कंधे पर हाथ धर दें। कोई चाहता था कि फोटो का मौका चूक न जाए। कोई पर्सनल इंटरेक्शन की चाह रखता था। फूलों की बारिश, मालाओं का सैलाब, तोहफों का अंबार। मुखियाजी का रोड शो गांधी सर्किल पहुंचा। गृह राज्यमंत्री ने भीड़ का समंदर सा पार करते हुए एक तस्वीर मुखियाजी की ओर बढ़ाई। मुखियाजी के सहयोगी ने तस्वीर थाम ली। वहां मौजूद हर कोई मुखियाजी की ओर बढ़ती तस्वीर पर अपने हाथ लगाना चाहता था। इस दौरान शीशा चटख गया। मंत्रीजी के हाथ पर खरोंच लग गई। जख्म का मुआयना किया, लेकिन फिर स्वागत कार्यक्रम में व्यस्त हो गए। हालांकि बाद में हाथ की मरहम पट्टी करानी पड़ी। महोदय अब कह सकते हैं-हमने स्वागत में खून-पसीना बहा दिया। 2. रोड को बनाया ‘मौत का कुआं’ यूं तो ‘मौत का कुआं’ खास अवसरों पर खास शहरों में ही देखने को मिलता है। किसी मेले-उत्सव पर लकड़ी-लोहे के ग्लोब में कार-बाइक से स्टंट दिखाया जाता है। लेकिन रील के चक्कर में इन दिनों स्टंटबाज सड़क को ही मौत का कुआं बनाने पर तुले हैं। नागौर के मेड़ता से एक वीडियो सामने आया। डीजे के पीछे दो बाइक पर सवार तीन युवक सांप की तरह लहराते हुए बाइक चला रहे हैं। देखने पर लगता है कि अब गिरे-तब गिरे। पीछे आती बोलेरो कैंपर के ड्राइवर पर भी वही धुन सवार। कैंपर की खिड़कियों से युवक निकले हुए हैं। ड्राइवर कार को तेजी से दायें-बायें लहरा रहा है। वीडियो देख पुलिस ने भी स्टंट दिखाया और राजकॉप एप पर गाड़ियों के नंबर डालकर 4 लड़कों को दबोच लिया। लड़कों ने बताया कि वे शादी समारोह में शरीक थे। बारात जा रही थी। मस्ती का मूड था। गलती हो गई। एक और वीडियो सामने आया जिसमें लड़का बजरी से भरे ट्रैक्टर पर खड़ा होकर स्टंट दिखा रहा था। जरा सा स्टेयरिंग इधर-उधर घूमता को खुद के साथ-साथ कई लोगों की जान ले बैठता। एक बार तो ट्रैक्टर का बैलेंस बिगड़ने वाला था। इस दौरान लड़का चलते ट्रैक्टर पर अपनी सीट पर जाकर भी बैठता है। घटना दौसा में हुई। ट्रैक्टर वाला ड्राइवर सवाई माधोपुर का है। इस मामले में भी पुलिस ने संज्ञान ले लिया है। 3. किशनगढ़ के जूता-चोर की चर्चा 1994 में आई एक मशहूर फिल्म का गाना था- जूते लिए हैं नहीं चुराया कोई जेवर। जूते लो पैसे दो। गीत फिल्म में शादी की एक रस्म को लेकर है। दूल्हे की सालियां जीजा के जूते छुपाती हैं और नेग की मांग करती हैं। सीजन शादियों का चल रहा है, लेकिन अजमेर के किशनगढ़ के जूता-चोर का किसी रस्म से कोई वास्ता नहीं है। इस जूता चोर की चर्चा चहुंओर है। यह मकान में घुसता है। शू-रैक खंगालता है। पोर्च, सीढ़ियों, बुखारी की तलाशी लेता है। फिर जो जूते पसंद आते हैं उन्हें पहन कर देखता है। चल कर देखता है। जूता पसंद आने पर उन्हें चुरा ले जाता है। जूतों के अलााव उसे किसी चीज की लालसा नहीं। न कैश, न गहने, न कीमती सामान। वह बस जूते चुराता है। किशनगढ़ के अग्रसेन नगर जी-ब्लॉक और श्रीकरणी इन्द्र विहार क्षेत्र में इस तरह की कई चोरियां हो चुकी हैं। अब जूतों की चोरी के पीछे सनक है, मजबूरी है या फिर शौक..यह तो चोर के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा। हालांकि चोरी को लेकर कॉलोनी वालों का कहना है- अब जूते भी तिजोरी में रखेंगे क्या? 4. चलते-चलते... पंचायत और निकाय चुनाव अभी हुए नहीं है। इसलिए प्रशासक-पार्षद बनने के इच्छुक पूरा जोर लगाए हुए हैं। ऐसे में पंचायत स्तर पर होने वाले कामों की कमी निकालने के वीडियो की भरमार है। हालांकि यही काम कई जागरूक लोग भी कह रहे हैं। कारण राजनीतिक हो या सामाजिक, लेकिन मुद्दा जन हित का है। जयपुर में आमेर की कूकस पंचायत का एक वीडियो सामने आया है। यहां कचराला गांव में सीसी सड़क बन रही है। काम जोर-शोर से चल रहाहै। इस दौरान एक युवक वहां आ जाता है। युवक का साथी मोबाइल का कैमरा ताने हुए है। युवक आरोप लगाना शुरू करता है- सड़क में जो माल डाला जा रहा है। इसका लैब टेस्ट होगा। इसका सैंपल लेकर मैं पीडब्लूडी की लैब में जांच कराऊंगा। यहां बजरी की जगह डस्ट डाल रहे हैं। ऐसा लगता है कि धांधली हो रही है। इनपुट सहयोग- रोहित पारीक (किशनगढ़, अजमेर), नरेंद्र भारद्वाज (सवाई माधोपुर), हनुमान तंवर (नागौर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी।