स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 5 लाख रुपए लेकर सरकारी टीचर किसी और की जगह एग्जाम में बैठा था। वहीं रिटायर्ड सैनिक ने करीब 7.5 रुपए देकर एक कोचिंग स्टडेंट को अपनी जगह परीक्षा दिलवाई थी। SOG ने अब डमी बैठने वाले तीन कैंडिडेट और एक मूल कैंडिडेट को पकड़ा है। पूछताछ में आरोपियों ने आपस में लाखों रुपए में सौदा करना कबूल किया है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि राज्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों के जरिए अवैध रुप से चयन कराने के मामलों में एसओजी लगातार कार्रवाई कर रही है। एसओजी की ओर से तीन प्रकरणों में जांच के दौरान चाीटिंग करने वालों की गिरफ्तारी की है।
टीचर 5 लाख रुपए लेकर डमी कैंडिडेट बना था राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर की ओर से अक्टूबर-2022 को प्राध्यापक हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 हुई थी। जांच में सामने आया कि जालौर निवासी मनोहर लाल वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में सेकेंड ग्रेड टीचर में कार्यरत है। मनोहर लाल ने डमी कैंडिडेट के रुप में बैठकर मूल कैंडिडेट देराम की जगह एग्जाम देकर पास की। एसओजी की ओर से आरोपी मनोहर लाल को अरेस्ट किया। पूछताछ में बताया कि देराम पढ़ाई में कमजोर था। उसने खुद की जगह मनोहर लाल को एग्जाम देने के लिए तैयार किया। दोनों के बीच करीब 5 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। प्रवेश पत्र पर फोटो बदलकर कांटछांट कर परीक्षा केंद्र में एंट्री की थी। दोनों की पहचान जोधपुर में विभिन्न कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी के लिए कोचिंग के दौरान हुई थी। मामले में फरार मूल कैंडिडेट की तलाश की जा रही है। भूतपूर्व सैनिक ने अपनी जगह बैठाया था डमी राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर की ओर से अक्टूबर-2022 को प्राध्यापक हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 हुई थी। एसओजी की ओर से अशोक जानी निवासी फलौदी को डमी कैंडिडेट बैठने के मामले में अरेस्ट किया गया है। जांच में सामने आया कि मूल कैंडिडेट रामूराज, जो कि रिटायर्ड सैनिक (Ex-serviceman) है। उसने साजिश रची कि रिटायर्ड सैनिक श्रेणी में चयन की मेरिट अपेक्षाकृत कम जाती है, इसलिए उसने ज्यादा तैयारी वाले व्यक्ति को उसकी जगह बैठाने की प्लानिंग की। जोधपुर में कोचिंग के दौरान मूल कैंडिडेट रामूराज की अशोक जानी से मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच में करीब 7.5 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। एसओजी की ओर से मूल कैंडिडेट रामूराज को पूर्व में अरेस्ट किया जा चुका है। पढ़ाई में कमजोर था, 6 लाख देकर डमी बैठाया राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर की ओर से सितम्बर-2023 को शारीरिक शिक्षक अध्यापक सीधी भर्ती-2022 हुई थी। इस परीक्षा में मूल कैंडिडेट विमल कुमार पाटीदार की जगह डमी कैंडिडेट बनकर सुनील विश्नोई निवासी जालौर ने एग्जाम दी थी। जांच में सामने आया कि विमल कुमार पढ़ाई में कमजोर था, इसलिए उसने योग्य व्यक्ति की तलाश की। जयपुर में रहकर कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे परिचित अनिल विश्नोई को तैयार किया। दोनों के बीच करीब 6 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। एसओजी की ओर से डमी और मूल कैंडिडेट को अरेस्ट किया गया।