जयपुर में नर्सिंगकर्मी के सुसाइड के 25 दिन बाद दो महीने की गर्भवती पत्नी ने भी जहर खा लिया। महिला को गंभीर हालत में दौसा से सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल लाया गया है, यहां प्राथमिक उपचार के बाद न्यू मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया। दरअसल, 12 जून को नर्सिंग कर्मचारी दीपक खारवाल (25) ने सुसाइड कर लिया था। दीपक महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में ड्यूटी करता था, जिसे नौकरी से हटा दिया गया था। दो माह की गर्भवती पत्नी करिश्मा खारवाल पति दीपक की मौत से परेशान थी। घर पर अकेले मिलते ही उठाया आत्मघाती कदम जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे करिश्मा के पिता रामसिंह खारवाल खेत पर काम करने गए हुए थे, उनकी छोटी बहन घर की छत पर थी। इसी दौरान करिश्मा ने जहर पी लिया। कुछ ही देर में तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। दोपहर करीब 12:30 बजे एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। एक ही परिवार में 25 दिनों के भीतर हुई दो बड़ी घटनाओं से परिजनों, रिश्तेदारों और संविदा कर्मचारियों में गहरा सदमा है।
दो माह की गर्भवती हैं करिश्मा परिजनों ने बताया- डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल हालत स्थिर है, लेकिन गर्भावस्था और जहर के असर को देखते हुए निगरानी में रखा गया है। पिता बोले- बेटी डिप्रेशन में थी, सरकार ने कोई मदद नहीं की करिश्मा के पिता रामसिंह खारवाल ने बताया- दीपक की मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में था। करिश्मा लगातार मानसिक तनाव और अवसाद में रह रही थी। वह रोज कहती थी कि अब मेरा क्या होगा। परिवार का पालन-पोषण कौन करेगा। वह अपने बच्चों के साथ कैसे जीवन बिताएगी। उन्होंने कहा- परिवार के तीन-चार सदस्य हर समय उसके साथ रहते थे। उसे समझाने का प्रयास करते थे। वह अक्सर कहती थी कि सरकारी सिस्टम ने पति को छीन लिया। दीपक की मौत के बाद वह पत्थर की मूर्ति की तरह हो गई थी। रामसिंह ने बताया- सोमवार को कुछ देर के लिए खेत पर गया था, घर के बाकी सदस्य भी अपने-अपने काम में लग गए। इसी दौरान करिश्मा ने पीछे से जहर पी लिया। 'सरकार और प्रशासन जिम्मेदार' रामसिंह खारवाल ने आरोप लगाया कि दीपक की मौत के बाद सरकार और प्रशासन की ओर से परिवार की कोई मदद नहीं की गई। यदि समय पर सहायता और भरोसा मिलता तो शायद करिश्मा इतना बड़ा कदम नहीं उठाती। उन्होंने कहा- बेटी के आत्महत्या के प्रयास के लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार है। परिवार अपनी ओर से लगातार करिश्मा को संभालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सरकार की ओर से किए गए आश्वासन पूरे नहीं होने के कारण वह पूरी तरह टूट चुकी थी। अस्पताल पहुंचे टीकाराम जूली और रफीक खान घटना की जानकारी मिलते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और विधायक रफीक खान एसएमएस अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने करिश्मा के पिता से मुलाकात की। चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। टीकाराम जूली बोले- राजस्थान में सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है अस्पताल में मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि ऐसा लगता है कि राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। सरकार सो रही है। यह केवल दीपक खारवाल की पीड़ा नहीं, बल्कि नौकरी से हटाए गए सैकड़ों संविदा कर्मचारियों की पीड़ा है। दीपक की आत्महत्या के बाद सरकार ने सम्मानजनक मुआवजा देने और हटाए गए कर्मचारियों को वापस नौकरी पर लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जूली ने कहा कि करिश्मा दो माह की गर्भवती हैं, फिर भी किसी ने उनकी सुध नहीं ली। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें सरकार ने समझौते किए, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया। उन्होंने कहा- सरकार गरीबों की जिंदगी से खेलना बंद करे। सरकार दिल्ली के दौरे कर अपनी कुर्सी बचाने में लगी हुई है। जनता ने सरकार को काम करने के लिए चुना है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि राजस्थान में सरकार नहीं, बल्कि सर्कस चल रहा है। इस दौरान टीकाराम जूली ने एसीएस मेडिकल गायत्री राठौड़ से फोन पर बातचीत कर मामले में पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के आश्वासन के बाद भी मदद नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की। ये भी पढ़ें… नौकरी से हटाने के बाद नर्सिंगकर्मी ने सुसाइड किया:गुस्साए साथी SMS अस्पताल की इमरजेंसी में घुसे, हंगामा किया जयपुर में नौकरी से हटाए जाने के बाद शुक्रवार को नर्सिंगकर्मी ने सुसाइड कर लिया। नर्सिंगकर्मी अपने साथी कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन में आया था। इसके बाद अपने कमरे में चला गया और जहर खा लिया। गुस्साए नर्सिंगकर्मियों ने एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर प्रदर्शन किया। वे इमरजेंसी में घुस गए। इस दौरान जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मशक्कत कर बाहर निकाला। (पूरी खबर पढ़ें)