राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने टोंक समेत प्रदेशभर में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के 1382 रिक्त पदों को भरने के लिए दो बार आवेदन मंगवाए। दोनों बार ऑनलाइन इंटरव्यू प्रक्रिया निरस्त कर गुरुवार को अपने स्तर पर 1056 पदों पर प्रतिनियुक्ति आदेश जारी कर दिए। इस फैसले के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षक संगठनों ने इंटरव्यू के जरिए नियुक्तियां करने और प्रतिनियुक्ति आदेश वापस लेने की मांग की है। शिक्षक संगठनों ने उठाए सवाल शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब पद सीधे प्रतिनियुक्ति से ही भरने थे तो विज्ञप्तियां जारी कर सरकारी धन और कर्मचारियों का समय क्यों खर्च कराया गया। कई कार्मिकों ने दो-दो बार आवेदन किए, एक बार साक्षात्कार भी दिए और मेरिट के आधार पर नई जगह मिलने का इंतजार करते रहे। इसके बावजूद परिषद ने सीडीईओ, सीडीओ, प्रिंसिपल समेत विभिन्न पदों पर बिना किसी राय-मशविरा के प्रतिनियुक्तियां कर दीं। पहली भर्ती प्रक्रिया भी रही अधूरी शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए प्रतिनियुक्ति आदेश रद्द कर इंटरव्यू के जरिए पद भरने की मांग की है। उन्होंने बताया कि परिषद ने 24 जुलाई से 6 अगस्त 2024 तक 1382 पदों के लिए ऑनलाइन साक्षात्कार आयोजित किए थे, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी चयन सूची जारी नहीं की गई और प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। दूसरी बार भी नहीं हुए इंटरव्यू इसके बाद 21 जनवरी को समग्र शिक्षा के तहत जिला व ब्लॉक कार्यालयों के रिक्त पदों के लिए नई विज्ञप्ति जारी की गई। 9 से 13 फरवरी तक प्रधानाचार्य और व्याख्याता समकक्ष अधिकारियों से आवेदन मांगे गए, लेकिन इस बार भी साक्षात्कार नहीं हुए। हाल ही में राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त ने ऑनलाइन साक्षात्कार 8 जुलाई को निरस्त कर दिए और गुरुवार को प्रतिनियुक्ति आदेश जारी कर दिए। इन पदों के लिए मांगे गए थे आवेदन जिला स्तर पर सहायक निदेशक, सहायक परियोजना समन्वयक और कार्यक्रम अधिकारी के पदों के लिए आवेदन लिए गए थे। वहीं ब्लॉक स्तर पर अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी-द्वितीय और संदर्भ व्यक्ति (आरपी) के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन पदों पर निश्चित अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति की जानी थी, जिसका चयन ऑनलाइन साक्षात्कार से होना तय था। 1056 कार्मिकों के आदेश जारी राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने आवेदन लेने के करीब पांच महीने बाद 403 व्याख्याताओं तथा 653 प्राचार्यों और उप-प्राचार्यों के प्रतिनियुक्ति आदेश जारी कर दिए। इन्हें मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में एसीबीईओ-द्वितीय, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में सहायक निदेशक और अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालयों में सहायक परियोजना समन्वयक के पदों पर लगाया गया है। ‘सीधी प्रतिनियुक्ति करनी थी तो आवेदन क्यों लिए’ सलावद का कहना है कि जिला और ब्लॉक कार्यालयों में लंबे समय से पद खाली होने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यदि विभाग को सीधे प्रतिनियुक्ति ही करनी थी तो राज्यभर के कार्मिकों से ऑनलाइन आवेदन नहीं मंगवाने चाहिए थे। उन्होंने परिषद से निर्णय वापस लेकर इंटरव्यू के आधार पर पद भरने की मांग की है।