राजस्थान में अब ट्रैफिक चालान भरने का तरीका बदल गया है। राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए साफ कर दिया है कि चालान की राशि अब नकद जमा नहीं होगी। वाहन चालकों को जुर्माना केवल ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जमा करना होगा। इसके लिए ई-चालान और आईटीएमएस पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और रिकॉर्ड आधारित रहेगी। सरकार ने चालान कार्रवाई और विवाद निपटारे के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। अब हेड कांस्टेबल से ऊपर के पुलिस अधिकारी और परिवहन विभाग के अधिकृत अधिकारी चालान मामलों में कार्रवाई कर सकेंगे। वहीं, चालान पर आपत्ति या शिकायत होने पर तय अधिकारी सुनवाई करेंगे, जिससे लोगों को प्रक्रिया समझने और समाधान पाने में आसानी होगी। राजपत्र में जारी हुई नई अधिसूचना परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने 27 अप्रैल को राजस्थान राजपत्र में यह अधिसूचना जारी की है। यह आदेश केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 के तहत लागू किया गया है। सरकार का उद्देश्य चालान प्रक्रिया को एक समान और डिजिटल बनाना है। अब नकद चालान जमा करने की सुविधा खत्म नई व्यवस्था के तहत चालान की राशि अब नकद जमा नहीं की जाएगी। वाहन चालकों को जुर्माना केवल ऑनलाइन माध्यम से भरना होगा। सरकार ने इसके लिए ई-चालान पोर्टल और आईटीएमएस पोर्टल को अधिकृत किया है। इससे भुगतान का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रहेगा और विवाद की स्थिति में जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। हेड कांस्टेबल से ऊपर के अधिकारी करेंगे कार्रवाई नोटिफिकेशन में साफ किया गया है कि ट्रैफिक चालान से जुड़ी कार्रवाई अब तय अधिकारियों द्वारा की जाएगी। राजस्थान पुलिस में हेड कांस्टेबल स्तर से ऊपर के अधिकारी और परिवहन विभाग में मोटर व्हीकल सब-इंस्पेक्टर स्तर से ऊपर के अधिकारी चालान कार्रवाई कर सकेंगे। चालान विवाद की सुनवाई भी तय अधिकारियों के पास अगर किसी वाहन चालक को चालान पर आपत्ति है या वह उसे चुनौती देना चाहता है, तो उसकी सुनवाई तय स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। परिवहन विभाग में जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) स्तर के अधिकारी और पुलिस विभाग में डिप्टी एसपी या असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अधिकारी शिकायतों का निपटारा करेंगे। ऑनलाइन पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया सरकार ने चालान विवाद और भुगतान दोनों प्रक्रियाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया है। इससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और शिकायत दर्ज कराने से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया आसान होगी। नई व्यवस्था लागू होने से चालान प्रणाली में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। डिजिटल भुगतान से नकद लेन-देन खत्म होगा और कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। इससे गलत चालान, विवाद और भुगतान से जुड़ी परेशानियों में कमी आने की संभावना है।