राजस्थान समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 मंगलवार को कानून निर्माण को लेकर जोधपुर संभाग की दो दिवसीय जनसुनवाई पूरी हो गई। जोधपुर संभाग का हिस्सा होने के नाते सरहदी जिले जैसलमेर के नागरिकों के लिए भी इसमें भागीदारी का बड़ा मौका है। संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने एक वीडियो जारी कर विशेष जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया- जैसलमेर जिले के नागरिक भी आने वाली 25 जुलाई तक ऑनलाइन वेबसाइट, क्यूआर कोड या फिर अपने नजदीकी उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय जाकर लिखित में अपने सुझाव दे सकते हैं। सरकार का मकसद इस कानून में सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की आवाज को भी शामिल करना है। संभागीय आयुक्त ने की अपील राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया अब आखिरी दौर में है। जोधपुर संभाग मुख्यालय पर दो दिवसीय संभाग स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को संपन्न हुई। इस दौरान संभाग के अलग-अलग जिलों के नागरिकों से सुझाव लिए गए। इसी कड़ी में जोधपुर संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने एक वीडियो संदेश जारी कर जैसलमेर सहित पूरे संभाग के लोगों से इस महत्वपूर्ण कानून को बनाने में भागीदार बनने की अपील की है। संभागीय आयुक्त ने वीडियो में कहा- यूसीसी का एक व्यावहारिक और सर्वसमावेशी ढांचा तैयार करने में जैसलमेर जैसे सुदूर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले के नागरिकों के विचार बहुत मायने रखते हैं। जनसुनवाई के दौरान संकलित किए गए सभी सुझावों को सीधे राज्य सरकार की यूसीसी प्रारूप समिति के पास भेजा जाएगा। क्यूआर कोड से सीधे जुड़ें जैसलमेर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग घर बैठे सरकार के आधिकारिक पोर्टल ucc.rajasthan.gov.in पर जा सकते हैं। इसके अलावा प्रचार सामग्री पर दिए गए क्यूआर (QR) कोड को मोबाइल से स्कैन करके भी सीधे सुझाव दर्ज कराए जा सकते हैं। पोर्टल पर नागरिक 400 शब्दों में अपनी बात लिख सकते हैं। विस्तृत सुझाव होने पर पीडीएफ (PDF) फाइल अपलोड करने का विकल्प भी दिया गया है। SDM कार्यालयों में दे सकते है लिखित राय इंटरनेट की समस्या या ऑनलाइन असमर्थता की स्थिति में ऑफलाइन विकल्प भी खुला रखा गया है। जैसलमेर, पोकरण और भणियाणा सहित जिले के सभी उपखंड कार्यालयों (SDM ऑफिस) में नागरिक 25 जुलाई तक अपने लिखित सुझाव या प्रतिवेदन जमा करा सकते हैं। SMS से जानकारी दी जा रही है जैसलमेर के दूर-दराज के गांवों और ढाणियों तक सूचना पहुंचाने के लिए मोबाइल उपभोक्ताओं को एसएमएस (SMS) के जरिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। संभागीय आयुक्त ने जिलावासियों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपने सुझाव जरूर दें ताकि नीति-निर्धारण में जैसलमेर की जनता की भागीदारी मजबूती से दर्ज हो सके।