राजस्थान में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में लोगों से सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से जोधपुर में जनसुनवाई की गई। मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पाली, जालोर और सिरोही जिलों के लोगों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। राजस्थान समान नागरिक संहिता प्रारूप समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान ने प्रतिभागियों के सुझावों को सुना और कहा कि प्राप्त सुझावों का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में समुचित परीक्षण किया जाएगा। इन्होंने दिए सुझाव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित जनसुनवाई में पाली, जालोर और सिरोही के जिला कलेक्टर्स सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, सामाजिक विज्ञान और विधि विषय के शिक्षाविदों, विधिवेत्ताओं, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों समेत अन्य प्रबुद्धजनों ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर सुझाव और विचार साझा किए। कांग्रेस ने जताया था विरोध वहीं जनसुनवाई में कांग्रेस ने सोमवार को विरोध में ज्ञापन दिया था। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओमकार वर्मा ने कहा- प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार और मंगलवार को UCC कानून बनाने के संबंध में जनसुनवाई कर कई राजनीतिक दलों को बुलाया गया। वहीं वास्तविकता यह है कि राज्य सरकार ने अभी तक न तो कानून का ड्राफ्ट तैयार किया और न ही सुझाव और आक्षेप आमंत्रित करने के लिए उसे किसी पोर्टल अथवा अन्य माध्यम से सार्वजनिक किया है। वेबसाइट एवं क्यूआर कोड के माध्यम से भी दे सकते हैं सुझाव संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने बताया- जनसुनवाई विभिन्न वर्गों के लोगों ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों का प्रारूप समिति द्वारा जांच कर कार्रवाई की जाएगी। संभागीय आयुक्त ने बताया- आमजन की सहभागिता के लिए राज्य सरकार द्वारा ucc.rajasthan.gov.in वेबसाइट विकसित की गई है। वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक या प्रचार सामग्री में दिए क्यूआर कोड को स्कैन कर लोग पोर्टल पर सुझाव ऑनलाइन दे सकते हैं। उपखंड अधिकारी कार्यालय में 25 जुलाई तक दे सकेंगे लिखित सुझाव स्वामी ने बताया- ऑनलाइन व्यवस्था के साथ लोग 25 जुलाई तक संबंधित उपखंड अधिकारी कार्यालय में लिखित सुझाव, अभ्यावेदन या रिप्रेजेंटेशन प्रस्तुत कर सकते हैं। इन सभी सुझावों को एकत्र कर राजस्थान समान नागरिक संहिता प्रारूप समिति को उपलब्ध कराया जाएगा।