झुंझुनूं में 46 साल बाद मंत्रालयिक कर्मचारियों को अध्यक्ष मिल गया है। कांटे की टक्कर में राजेश बजाड़ ने मारी बाजी और 13 वोटों से जीते। इसे लेकर देर रात तक मतगणना चली। बुधवार को 'मंत्रालयिक कर्मचारी जिला समन्वय समिति' के अध्यक्ष पद के लिए हुए कड़े मुकाबले में राजेश कुमार बजाड़ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मो. शाहिद खान को मात्र 13 मतों के बेहद मामूली अंतर से शिकस्त देकर जीत हासिल की। शेखावाटी की धरा से होगा आंदोलन का आगाज: बाबू वर्ग की ऐतिहासिक जीत ​चुनाव जीतने के बाद उत्साहित राजेश बजाड़ ने इसे 1980 के बाद बाबू वर्ग की सबसे बड़ी संगठित जीत बताया। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा यह जीत पूरे वर्ग की एकता का प्रतीक है। अब हम बिखरे हुए संगठनों को एक 'अम्ब्रेला' के नीचे लाकर अपनी शक्ति बढ़ाएंगे। हम अपनी एकजुटता और रणनीति के दम पर शासन से अपना हक लेकर रहेंगे। जीत के बाद राजेश कुमार बजाड़ ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे मंत्रालयिक संवर्ग के विश्वास की जीत है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे कर्मचारियों की लंबित मांगों और पदोन्नति जैसे मुद्दों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखेंगे। 6 मतदान केंद्रों पर काउंटिंग सुबह 9 बजे से ही जिले के 6 मतदान केंद्रों पर कर्मचारियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कुल 1374 मतदाताओं में से 1209 कर्मचारियों मतदान किया। शाम 3 बजे मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सभी मतपेटियों को सुरक्षा के बीच स्थानीय PWD डाक बंगला लाया गया, जहां निर्वाचन अधिकारी मनीराम की निगरानी में मतगणना शुरू हुई।