राज्य सरकार में ग्राम रथ अभियान को लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म गंभीर हैं। डीग पंचायत समिति सभागार में बुधवार को उन्होंने बिजली, पानी, सार्वजनिक निर्माण एवं स्वास्थ्य विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बेढ़म ने स्पष्ट किया कि विकास रथ केवल योजनाओं के प्रचार का माध्यम नहीं है। यह आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक चलता-फिरता प्रकल्प है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां-जहां यह रथ जाएगा, वहां की सभी मूलभूत समस्याएं उसी समय सुलझाई जानी चाहिए। लापरवाही बरतने पर होगी सख्त कार्रवाई राज्य मंत्री बेढ़म ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि आम जनता के लिए काम करें, भले ही इसके लिए उन्हें कम सोना पड़े या ड्यूटी टाइम से ज्यादा काम करना पड़े। उन्होंने प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करते हुए कहा कि जन-समस्याओं के समाधान में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य मंत्री ने अधिकारियों को सख्ती से काम लेने और लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि वे ग्राम रथ अभियान के तहत आमजन की समस्याओं को चिन्हित कर उनका तुरंत समाधान करें। '60-65 गांवों के लिए बनेगा 5-दिवसीय टारगेट' बैठक में जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने गृह राज्य मंत्री के निर्देशों की अनुपालना में तुरंत एक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, पानी और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आगामी 5-5 दिन का एक सघन प्लान बनाएं और 60-65 गांवों को टारगेट करें। इस दौरान एसडीएम देवीप्रसाद मीना, अमित मीना, अधीक्षण अभियंता बी.एल. वर्मा, इशू नारंग और पवन सोलंकी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।