भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर समाज में बढ़ते तलाक के मामलों और परिवारों के बिखरने की गंभीर समस्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन (महिला इकाई) द्वारा एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन मुकेश ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘टूटा बंधन, बिखरे हम-जिम्मेदार कौन’ रखा गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अधिवक्ता सुप्रीमा चितलांगिया ने संबोधन में बढ़ते तलाक के कारणों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हम रिश्तों को कमिटमेंट के बजाय एक विकल्प की तरह देखने लगे हैं। अहंकार, संवाद की कमी, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने सहनशीलता को कम कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिश्ता ‘जीतने’ की नहीं, बल्कि ‘निभाने’ की कला है। कार्यक्रम में महिला इकाई की पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही। आयोजन के दौरान परू बंसल ने अतिथियों का स्वागत किया। लक्ष्मी बंसल ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उमा बाटिया, मनोरमा वेद, प्रेरणा चितलांगिया, मीतू गर्ग, पूनम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अध्यक्ष मंजू स्वामी एवं प्रभारी कुसुम शर्मा आदि भी सदस्य मौजूद रहीं।