राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की SI भर्ती- 2025 का एग्जाम खत्म हो गया है। परीक्षा दो दिन 5 और 6 अप्रैल को हुई। आज दूसरे दिन की परीक्षा की पहली पारी में जयपुर के एक सेंटर पर आज महिला अभ्यर्थी अपने 10 महीने के बेटे और सास के साथ पहुंची। एग्जाम के समय उनकी सास पोते को लेकर सेंटर से कुछ दूरी पर बैठी रही। वहीं देरी से पहुंचे कैंडिडेंट्स को सेंटर पर एंट्री नहीं दी गई। जयपुर ग्रामीण से आई एक अभ्यर्थी ने कहा कि दो साल से पेपर की तैयारी कर रही थी। बस नहीं मिलने के कारण देरी हुई और पेपर छूट गया। बता दें कि आज पहली पारी में सुबह 11 बजे से सामान्य हिंदी का पेपर शुरू हुआ। इसके लिए सुबह 9 बजे से जयपुर में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। 10 बजे परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। अंतिम 5 मिनट शेष रहने पर कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों को आवाज लगाकर सूचित किया। वहीं दूसरी पारी में जनरल नॉलेज की परीक्षा 3 से 5 बजे तक हुआ। इसके लिए एंट्री दोपहर एक बजे शुरू होगी। पेपर खत्म होने के बाद दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थी अपने घर जाने के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, ऐसे में दोनों जगह भीड़ लग गई। एग्जाम देने पहुंचे अभ्यर्थियों की PHOTOS 10 महीने के बेटे को लेकर परीक्षा देने पहुंची अभ्यर्थी किशनगढ़ रेनवाल के रमजीपुरा कलां निवासी नीतू कंवर अपने 10 महीने के बच्चे के साथ जयपुर के गंगा पोल स्थित परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं। उनकी सास भंवर कंवर भी साथ थीं, जो परीक्षा केंद्र से कुछ दूरी पर 10 महीने के पोते यशवर्धन को संभालती नजर आईं। नीतू कंवर की सास भंवर कंवर ने बताया कि नीतू की शादी 2 साल पहले उनके बेटे हर्षवर्धन से हुई थी, जो आर्मी में कमांडो है। मेरा बेटे और उनकी यह इच्छा है कि नीतू भी समाज की सेवा के लिए खाकी पहने। इसलिए मैं अपनी बहू को एसआई भर्ती परीक्षा दिलवाने लाई हैं। नीतू पिछले एक साल से इस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। दो साल तैयारी की, देरी से पहुंचने पर नहीं मिली एंट्री जयपुर में चंदवाजी की रहने वाली सुनीता जाट सुभाष चौक स्थित नेताजी सुभाष राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर सुबह 10 बजे के बाद परीक्षा देने पहुंचीं। इस कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल सकी। परीक्षा केंद्र के बाहर वह काफी देर तक मायूस खड़ी रहीं और प्रवेश पाने की उम्मीद करती रहीं। हालांकि, करीब आधा घंटे तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें प्रवेश नहीं मिला। सुनीता जाट ने बताया कि वह एक किसान परिवार से है। दो साल से परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह अपने परिवार का सपना पूरा करने के लिए एसआई बनना चाहती है, लेकिन समय पर बस नहीं मिलने के कारण परीक्षा केंद्र पहुंचने में देरी हो गई और उनकी मेहनत बेकार हो गई। जयपुर के गंगा पोल स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में बने परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी सुबह 10 बजे के बाद पहुंचा और प्रवेश के लिए पुलिसकर्मी से गुहार लगाता नजर आया। उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। फुल स्लीव्स शर्ट और टॉप्स को उतरवाया फुल स्लीव्स शर्ट पहनकर आए अभ्यर्थियों को शर्ट उतारकर या आस्तीन काटने के बाद ही एंट्री दी गई। महिला अभ्यर्थियों को के बालों में हेयर क्लिप लगा होने पर बाहर ही रोका गया। कानों के टॉप्स और बालों में लगे कलेचर खुलवाए गए। सभी अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। उसके बाद ही एंट्री दी गई।