जयपुर में RUHS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने कहा- आज देश में बड़ी मात्रा में मेडिकल कॉलेज खुल गए हैं, लेकिन अधिकांश में रिसर्च को लेकर ज्यादा काम नहीं हो रहा है। किसी भी कॉलेज में रिसर्च बेस वर्क होना बहुत जरूरी है। इसे देखते हुए हमने दूसरे मेडिकल कॉलेजों की फेकल्टी को भी इसके लिए वर्कशॉप में ट्रेनिंग दी है। आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। इस दौरान प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने यह कहा। उन्होंने कहा- RUHS मेडिकल कॉलेज में नेशनल और इंटरनेशनल लेवल की रिसर्च की जा रही है। ‘डेटा इंटरप्रिटेशन और मैन्युस्क्रिप्ट राइटिंग’ विषय पर हुई वर्कशॉप में अलग-अलग विषय पर रिसर्च शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही रिसर्च कैसे हो, उसे नेशनल या इंटरनेशनल बड़ी यूनिवर्सिटी या संस्थानों के सहयोग से कैसे अच्छा बनाया जाए, इस पर अलग-अलग शहरों से आए डॉक्टर्स ने बताया। RUHS में अमेरिका की यूनिवर्सिटी के सहयोग से चल रही रिसर्च RUHS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया- वर्कशॉप में जयपुर, झालावाड़, पाली, कोटा और मुंबई के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के 35 डॉक्टर्स शामिल हुए। उन्होंने बताया- इस वर्कशॉप का उद्घाटन इंडियन मेडिकल रिसर्च सेंटर (ICMR) के पूर्व चेयरमैन डॉ. विश्वमोहन कटोच ने किया। आरयूएचएस प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया- RUHS में वर्तमान में नाक और ब्रेन की नई बीमारियों और उसके ट्रीटमेंट को लेकर इंटरनेशनल रिसर्च चल रहा है, जो अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के सहयोग से किया जा रहा है। इस मौके पर डॉ. विश्वमोहन कटोच ने मेडिकल सेक्टर में होने वाले रिसर्च की गुणवत्ता और उसके साइंटिक राइ​टिंग के बारे में बताया। इस मौके पर इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IJMR) के एडिटर इन चीफ डॉ. पीयूष गुप्ता, टेक्निकल एडिटर डॉ. श्वेता तंवर, सामुदायिक चिकित्सा विभाग यूसीएमएस दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. आमिर खान मरूफ ने भी शोध के लेखन, डेटा एनालिसिस और पब्लिशिंग की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।