जन्म से दोनों पैरों से दिव्यांग, चलने फिरने में भी मुश्किलें, जमीन पर घसीटते और रेंगते हुए ही 45 साल गुजारे। दिव्यांग कांतिलाल वगात मंगलवार को शिविर में पहुंचा और ट्राई साइकिल के लिए गुहार लगाई। इसके बाद हाथों हाथ पूरी प्रॉसेज हुई और उसे ट्राई साइकिल मिल गई। ट्राई साइकिल मिलते ही उसका चेहरा भी खुशी से खिल उठा। सरकार की ओर से इन दिनों ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे है। ग्राम पंचायत साबली में आयोजित शिविर में दिव्यांग कांतिलाल वगात (45) जमीन पर घसीटते ओर रेंगते हुए पहुंचा। भाजपा नेता ने की मदद उसे देख भाजपा नेता बंशीलाल कटारा उसके पास पहुंचे। दिव्यांग कांतिलाल से उसकी समस्या के बारे में पूछा। उसने कहा कि वह जन्म से ही चल फिर नहीं सकता है। उसे किसी भी कामकाज के लिए घसीटते या रेंगते हुए ही आना जाना करना पड़ता है। कई बार दूसरों की मदद लेनी पड़ती है। इस वजह से उसे परेशानी होगी है। लेकिन उसे ट्राई साइकिल मिल जाए तो आसानी होगी। अब आने जाने में नहीं होगी परेशानी बंशीलाल ने उसके सारे डॉक्यूमेंट को देखे। कांतिलाल 70 प्रतिशत तक दिव्यांग था। उन्होंने सारे डॉक्यूमेंट लेकर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को बताया। तुरंत ही उसके आवेदन को ऑनलाइन किया गया और हाथों हाथ स्वीकृति जारी कर दिव्यांग कांतिलाल को डूंगरपुर से ट्राई साइकिल ले जाकर दी गई। जिस पर कांतिलाल का चेहरा खुशी से खिल उठा। कांतिलाल ने कहा कि ट्राई साइकिल मिलने से अब कही भी कोई भी कामकाज कर सकेगा। वही वह खुद आना जाना कर सकता है।