जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा- देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों के साथ जिस तरह हिंसक व्यवहार किया गया, उसे पूरे देश ने देखा है। सोशल मीडिया और यूट्यूब का दौर है, इसलिए सच्चाई किसी से छिपी नहीं है। निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। कई छात्र अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि उनका कसूर सिर्फ अपनी बात सरकार तक पहुंचाना था। जयपुर के झालाना डूंगरी स्थित अंबेडकर हॉस्टल में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पायलट ने पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ यह कहा। छात्रों से संवाद करते हुए पायलट ने कहा- सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। अगर छात्र अपनी मांगों को लेकर राजधानी पहुंचे थे तो सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए था, लेकिन उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया गया। मंत्री को बर्खास्त करे सरकार, छात्रों पर दर्ज FIR वापस ले सचिन पायलट ने कहा- सरकार को संबंधित मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए और उन्हें तत्काल बर्खास्त करना चाहिए। साथ ही प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर भी वापस ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा- संसद में इस मुद्दे पर केवल औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली बहस होनी चाहिए और दोषियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। पेपरलीक नौजवानों के लिए कैंसर बन चुका पायलट ने कहा- पिछले 10 साल में करीब 150 पेपर लीक हो चुके हैं। पेपर लीक अब ऐसा कैंसर बन गया है, जिसने युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। लगातार हो रही घटनाओं से नौजवानों का व्यवस्था पर भरोसा टूट रहा है और उनके भीतर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा- कांग्रेस छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और यह किसी राजनीतिक लाभ का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों की मदद करे सरकार उन्होंने कहा- पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों से परेशान होकर कई छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या तक कर ली। इससे बड़ा दुख किसी समाज के लिए नहीं हो सकता। सरकार को ऐसे परिवारों की हरसंभव आर्थिक मदद करनी चाहिए और अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। राम मंदिर के चंदे का पैसा पीड़ित परिवारों को दे सरकार सचिन पायलट ने कहा- जो मासूम बच्चे दुख और डिप्रेशन में जान दे चुके हैं, उससे बड़ा दुख किसी समाज के लिए नहीं हो सकता। मैं तो चाहता हूं कि सरकार अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी का जो पैसा पड़ा है। वह उन परिवारों को दे दे, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। सरकार को अपने प्रायश्चित के लिए और अपने पाप धोने के लिए यह काम करना चाहिए। इन सबसे पहले सरकार युवाओं की बात तो सुने। आज देशभर में केवल हमारी पार्टी ही नहीं, बल्कि हर दल, हर संगठन और हर वह व्यक्ति, जो सरकार से सहमत नहीं है, अपनी बात रख रहा है। नौजवानों के हितों के लिए हम संघर्ष करते रहेंगे। विदेशी साजिश बताना सरकार का बहाना सचिन पायलट ने कहा- छात्रों के आंदोलन को विदेशी ताकतों या विदेशी फंडिंग से जोड़ना बेहद निम्न स्तर का बहाना है। हकीकत यह है कि वर्षों से युवाओं में व्यवस्था के प्रति निराशा बढ़ रही है। हर घर का कोई न कोई बच्चा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है और हर परिवार इस पीड़ा को समझता है। सरकार को अहंकार छोड़कर युवाओं की बात सुननी चाहिए। जंतर-मंतर प्रदर्शन पर छात्र ने पूछा सवाल कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर सचिन पायलट से सवाल किया कि छात्रों को न्याय कौन दिलाएगा और उनकी आवाज कौन सुनेगा। इस पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस लगातार युवाओं के साथ खड़ी है और पेपर लीक का मुद्दा वह कई सालों से उठाते रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा मौजूद रहे। सचिन पायलट ने मंच से छात्रों के सवाल सुने, उनसे संवाद किया और शिक्षा, रोजगार तथा पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।