चूरू के सालासर बालाजी धाम में दर्शन के दौरान वीडियो बनाने पर श्रद्धालुओं और मंदिर के गार्ड के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। हरियाणा के हिसार से आए परिवार का आरोप है कि वह साधारण श्रद्धालुओं की लाइन में खड़े थे। इसी दौरान अपने रिश्तेदार को वीडियो कॉल पर बालाजी महाराज के दर्शन करा रहे थे। तभी 30 से 40 बाउंसरों ने फोन तोड़ दिया और मारपीट करने लगे। महिलाओं को भी जमीन पर गिराकर पीटा। जब शिकायत लेकर थाने गए तो वहां उनसे एक वीडियो बनवाया गया कि मंदिर में उनकी ही गलती थी। वहां हल्की धक्का-मुक्की हुई थी। इधर मंदिर प्रबंधन ने लेटर जारी कर कहा कि मंदिर की महिला गार्ड के साथ मारपीट हुई है, इसके सारे सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दे दिए गए हैं। थाने में संबंधित श्रद्धालुओं ने माफी भी मांगी है। घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। बीमार रिश्तेदार को वीडियो कॉल पर दर्शन करवा रहे थे हिसार के राजगुरु मार्केट में दुकान चलाने वाले संजय ने बताया- रविवार को मैं अपने परिवार के साथ सालासर बालाजी के दर्शन करने आया था। मेरा एक रिश्तेदार बीमार होने की वजह से मंदिर नहीं आ सका, इसलिए उसे वीडियो कॉल के जरिए दर्शन करवा रहा था। मैं किसी वीआईपी लाइन में नहीं, बल्कि साधारण श्रद्धालुओं की लाइन में खड़ा था। जैसे ही मैंने फोन निकाला तो वहां तैनात बाउंसर्स ने बदतमीजी करनी शुरू कर दी। मेरा मोबाइल छीनकर फर्श पर पटक दिया। जब परिवार ने विरोध किया तो करीब 30 से 40 बाउंसर्स इकट्ठा हो गए। उन्होंने महिलाओं को धक्का देकर फर्श पर गिरा दिया और उनके साथ मारपीट की। बाउंसर्स के पास कोई धारदार नुमा चीज थी। संजय ने कहा- हम श्रद्धा लेकर आते हैं, लेकिन यहां बाउंसर्स का व्यवहार भक्तों के साथ अपराधियों जैसा है। लेडीज को नीचे गिराकर मारा गया, उन्हें पानी पिलाकर उठाना पड़ा। थाने में डराकर वीडियो बनवाने का आरोप संजय ने बताया कि मारपीट के बाद जब परिवार शिकायत लेकर थाने पहुंचा, तो वहां का अनुभव और भी डरावना था। SHO ने हमें न्याय दिलाने के बजाय धमकाया और कहा कि हम पर SC/ST एक्ट लगा दिया जाएगा। मंदिर से जुड़े 50-60 लोग वहां इकट्ठा हो गए और दबाव बनाने लगे। पीछा छुड़ाने के बदले हमसे जबरन एक वीडियो बनवाया गया, जिसमें हमें यह कहना पड़ा कि हमसे गलती हुई है और केवल मामूली धक्का-मुक्की हुई थी। श्रद्धालुओं ने अपनी गलती स्वीकार की-मंदिर कमेटी इधर.. मामले में सालासर बालाजी मंदिर कमेटी ने एक लेटर जारी किया है। जिसमें बताया कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबर एकतरफा और अधूरी है। आरोप लगाने वाले श्रद्धालुओं से सालासर पुलिस थाने में थाना प्रभारी के सामने बातचीत हुई है, उन्होंने सीसीटीवी वीडियो देखकर अपनी गलती स्वीकार की। मंदिर कि महिला गार्ड के साथ मारपीट हुई है, इसके सारे सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दे दिए गए हैं। थाने में संबंधित श्रद्धालुओं ने माफी भी मांगी है। मंदिर कमेटी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण मानती है। पावन धाम में इस प्रकार का आचरण निंदनीय है। जिसका हमें गहरा खेद है।