गर्मी के मौसम में आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सलूंबर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुल्फी, खोआ, दूध और आमरस के चार नमूने लिए गए। प्रतिष्ठानों का किया जा रहा निरीक्षण अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण के निर्देशों तथा जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में चल रहा है। इसके तहत डेयरी, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, फ्रूट जूस और अन्य पेय पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। आमरस के सैंपल लिए अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में टीम ने डाल रोड स्थित धनकेश्वर रस भंडार का निरीक्षण किया। यहां से आमरस का नमूना लिया गया। संचालक को पेस्ट कंट्रोल कराने, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, सनसिटी चौराहा स्थित चामुंडा डेयरी से खोआ, मालवी दूध एकत्रीकरण केंद्र से दूध और गुनगुन प्रोडक्ट से कुल्फी (आइस लॉली) के नमूने लिए गए। विभाग ने संबंधित फर्मों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कमियों के लिए सुधार नोटिस जारी करने की तैयारी की है। निर्धारित समय में सुधार नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा सभी नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्मों के खिलाफ विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शिकायत के आधार पर साल्विया मेडिकल स्टोर का भी निरीक्षण किया गया। यहां संचालक को खाद्य अनुज्ञा पत्र सही स्थान पर प्रदर्शित करने और गुणवत्तापूर्ण प्रोटीन पाउडर बेचने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि गर्मी को देखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस प्रदर्शित करने, खुले में खाद्य सामग्री नहीं बेचने और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का उपयोग करने के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी, प्रशिक्षु अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीना एवं सहायक शूरवीर सिंह मौजूद रहे।