सलूम्बर में पर्यावरण संरक्षण के लिए 'क्लीन सलूम्बर–ग्रीन सलूम्बर' अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत जागरूक नागरिकों की एक टीम पिछले कई हफ्तों से सेरिंग तालाब के घाटों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई कर रही है। अभियान के दौरान तालाब किनारे से प्लास्टिक थैलियां और कचरा हटाया जा रहा है, जिससे घाटों की सुंदरता लौट रही है। प्रत्येक शनिवार को तालाब से गुजरने वाले नाले की भी सफाई की जाती है, ताकि दूषित पानी तालाब में न मिले और प्रदूषण रोका जा सके। हालांकि नागरिकों ने चिंता व्यक्त की है कि नाले की नियमित सफाई नहीं होने के कारण दूषित पानी तालाब में मिल रहा है, जिससे जल प्रदूषण बढ़ रहा है। शहरवासियों का मानना है कि यदि इस समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो तालाब की प्राकृतिक सुंदरता और उसका अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। इस मुद्दे पर पर्यावरण टीम ने सलूम्बर विधायक शांता देवी से मुलाकात की और उन्हें समस्या से अवगत कराया। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। इसी अभियान के तहत पुरोहितवाड़ी स्थित एक जर्जर स्कूल में भी सफाई और सुधार कार्य शुरू किया गया है। पिछले 2-3 हफ्तों की पहल के बाद अब स्कूल परिसर में फिर से रौनक लौटने लगी है। इस अभियान में महेश चंद्र आमेटा, प्रहलाद पटेल, पवन सुथार, करण सिंह पवार, मनोज सोनी, चंदु भाई सोनी, मधुकर वरनोती, विमल कुमार भट्ट, सुभाष नेभनाणी, जयप्रकाश आगाल, रामभरोसे पुरोहित, शिवानंद पुरोहित, राहुल आगाल, कुश व्यास, रमाकांत सकरावत और मुकुल सोनी सहित कई नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान है।