सलूंबर जिले के सराडा में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, थाणा में 'हरियालो राजस्थान योजना' के तहत समाजसेवी भामाशाह कृष्णा कल्याण की मदद से विद्यालय परिसर और आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में 100 से अधिक फलदार, फूलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस अभियान से विद्यालय एक 'ग्रीन कैंपस' में बदल गया है। फल और फूल के पौधे लगाए पौधारोपण अभियान के दौरान नीम, करंज, कनेर और अमरूद सहित कई उपयोगी पौधे लगाए गए। इन पौधों का चयन भविष्य में स्वच्छ वातावरण, घनी छाया और विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी हरित परिसर तैयार करने के उद्देश्य से किया गया है। पौधा लगाकर देखभाल की अपील विद्यालय की संस्था प्रधान भावना गुप्ता ने इस सराहनीय पहल के लिए भामाशाह कृष्णा कल्याण और उनकी बहन माया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों के ऐसे प्रयास शिक्षा और पर्यावरण दोनों के लिए प्रेरणादायक हैं। संस्था प्रधान ने जोर दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो हरियाली का सपना साकार हो सकता है। पर्यावऱण संरक्षण का संदेश दिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था प्रधान ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'पेड़ हैं तो जीवन है। पेड़ होंगे तो बारिश होगी और बारिश होगी तो धरती पर जीवन सुरक्षित रहेगा।' उन्होंने केवल पौधा लगाने के बजाय उसकी नियमित देखभाल और सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। भावना गुप्ता ने प्रत्येक छात्र से एक पौधे का संरक्षक बनने का आह्वान किया। इस अभियान में विद्यालय स्टाफ, स्थानीय ग्रामीण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधों की नियमित सिंचाई और संरक्षण का संकल्प लेते हुए विद्यालय परिसर को हराभरा बनाए रखने की शपथ ली। यह पहल न केवल 'हरियालो राजस्थान योजना' के उद्देश्यों को मजबूत करती है, बल्कि समाज और शिक्षा संस्थानों की साझी भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरक मॉडल भी प्रस्तुत करती है।