सवाई माधोपुर में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उस पर खर्च किए गए सरकारी बजट को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बी.पी. मीणा ने राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) के परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच और आवंटित बजट के खर्च का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है। निर्माण की गुणवत्ता पर जताई आपत्ति प्रिंसिपल डॉ. बी.पी. मीणा ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए सरकार ने भारी बजट स्वीकृत किया था, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। उन्होंने लिखा कि भवन का निर्माण पूरा हुए तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, इसके बावजूद इसकी मौजूदा स्थिति खराब, गुणवत्ताविहीन और अव्यवस्थित नजर आती है। सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई पत्र में कहा गया है कि भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए निर्माण कार्य में लापरवाही और सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाना जरूरी है। उच्चस्तरीय समिति और स्वतंत्र ऑडिट की मांग प्रिंसिपल ने पत्र में मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी और वित्तीय जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए। साथ ही निर्माण के लिए आवंटित बजट के खर्च का स्वतंत्र ऑडिट भी कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता, लापरवाही या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।