टोंक में बाल विवाह रोकथाम के लिए चल रहे जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल कोहना और सेंट सोल्जर पब्लिक स्कूल में स्टूडेंट्स के साथ गतिविधियां हुईं। बालिकाओं को बाल विवाह नहीं करने और रोकने की शपथ दिलाई गई। बाल अधिकारिता विभाग और अन्य टीमों ने कानून, शिकायत प्रक्रिया और इसके प्रभावों की जानकारी दी। यह अभियान आखातीज और पीपल पूर्णिमा से पहले चलाया जा रहा है, जब बाल विवाह की संभावना अधिक रहती है। स्टूडेंट्स को कानून और प्रक्रिया की जानकारी दी गई बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नवल खान ने बताया कि अबूझ सावा के कारण आखातीज और पीपल पूर्णिमा पर बाल विवाह की संभावना बढ़ती है। इसे रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बालिकाओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों और शिकायत कहां और कैसे की जा सकती है, इसकी जानकारी दी गई। बाल विवाह के नुकसान और कानून अपराध होने की जानकारी मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रभारी देवेन्द्र सिंह ने बाल विवाह से होने वाले नुकसान बताए। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक समस्या के साथ कानूनन अपराध भी है। बाल कल्याण समिति सदस्य संदीप कांटिया ने बालिकाओं को बाल विवाह की सूचना देने और इसे रुकवाने के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया। चाइल्ड हेल्पलाइन और संस्थाओं की भूमिका बताई चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक कमलेश सैनी ने हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। स्वयंसेवी संस्थान सिकोईडिकोन के प्रभारी देवेन्द्र जांगिड ने संस्थान के काम के बारे में बताया और स्टूडेंट्स से सहयोग करने को कहा। ये अधिकारी और सदस्य रहे मौजूद कार्यक्रम में बाल अधिकारिता विभाग के संरक्षण अधिकारी रामसहाय पारीक, मानव तस्करी विरोधी यूनिट से रिकू शर्मा, चाइल्ड हेल्पलाइन से राहुल गजरा और सिकोईडिकोन से किरण शर्मा व विमल बुंदेल मौजूद रहे।