राजधानी में शुक्रवार शाम 5 बजे से वन्यजीवों की गणना शुरू हो गई। झालाना, नाहरगढ़, आमेर, आमागढ़ और गलता के जंगलों में गणक मचानों पर तैनात हुए ही थे कि झालाना डूंगरी लेपर्ड सफारी में रोमांचक नजारा देखने को मिला। यहां मशहूर लेपर्ड ‘राणा’ शिकार कर दावत का लुत्फ उठा ही रहा था कि वहां हाइना (जरख) पहुंच गया। हाइना को देख राणा ने शिकार पर भिड़ने का जोखिम नहीं लिया और दावत बीच में छोड़कर पास के पेड़ पर चढ़ गया। गणना के शुरुआती घंटों में ही लेपर्ड और हाइना के बीच यह ‘पावर स्ट्रगल’ वनकर्मियों और पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव बन गया। रेंजर जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि वन्यजीव गणना शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक चलेगी। जंगल का नियम... दावत भी ताकत से तय; लेपर्ड के शिकार पर हाईना की एंट्री ने दिखाया कि जंगल में शिकार कर लेना ही काफी नहीं, उसे बचाए रखना भी उतना ही बड़ा संघर्ष है।