एसीबी कोर्ट ने 12 साल पुराने रिश्वत के मामले में फैसला सुनाते हुए जहाजपुर थाने के तत्कालीन एएसआई कालू राम कहार पुत्र नाहरा कहार निवासी कलिंजरी गेट शाहपुरा को 4 साल के कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी ने जमीन विवाद के मामले में कार्रवाई और चालान पेश करने के बदले 500 रुपए कैश लेने के साथ शेष राशि के अलावा एक मुर्गा देने की भी मांग की थी। यह था मामला विशिष्ट लोक अभियोजक कृष्ण कांत शर्मा ने बताया कि परिवादी रमेश चंद मीणा और उनके भाई फोरू लाल मीणा ने 10 बीघा जमीन पर पड़ोसी द्वारा जबरन कब्जा करने की रिपोर्ट जहाजपुर थाने में दर्ज कराई थी। मामले की जांच एएसआई कालू राम कर रहे थे। आरोपी एएसआई ने मामले में कार्रवाई करने और चालान जल्द पेश करने के बदले रिश्वत की मांग की। रिश्वत में मांगा कैश और मुर्गा आरोपी ने 3,000 रुपए की मांग की, 1000 रुपए वह पहले ही घर आकर ले चुका था।एसीबी ने सत्यापन के दौरान, आरोपी ने 500 रुपए कैश लिए और बाकी रकम के साथ एक मुर्गा देने की भी मांग रखी थी। 25 जुलाई 2014 को एसीबी ने एएसआई कालू राम को परिवादी से 1000 रुपए रिश्वत लेते जहाजपुर थाने में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई एसीबी कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश पवन कुमार सिंघल ने फैसला सुनाते हुए एएसआई को चार साल के कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।