श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर कस्बे में शनि मंदिर के पास चाकूबाजी की घटना में घायल युवक चरणजीत सिंह की मौत हो जाने के बाद पुलिस की लापरवाही सामने आई है। मामले में एसपी ने एसआई माला सिंह को सस्पेंड कर दिया है। 3 जुलाई की शाम को श्रीकरणपुर में दो युवकों पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल चरणजीत सिंह को श्रीगंगानगर ले जाया गया, जहां 4 जुलाई शाम को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरे घायल शिवराज का इलाज अभी भी जारी है। पुलिस के अनुसार- इस घटना से दो दिन पहले चरणजीत सिंह ने लड़की से छेड़छाड़ के मामले में आरोपियों के खिलाफ एसआई माला सिंह को लिखित परिवाद दिया था। लेकिन एसआई ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिवाद की अनदेखी के बाद आरोपी युवकों ने बदले की भावना से चरणजीत सिंह और शिवराज पर चाकू से हमला कर दिया। मृतक चरणजीत सिंह के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 5 जुलाई को थाने के सामने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि समय पर कार्रवाई होती तो यह घटना रुकी जा सकती थी। वहीं, जिला प्रमुख दुलाराम मेघवाल ने बीकानेर रेंज आईजी को लिखित शिकायत भेजी। शिकायत में उन्होंने कहा कि एसआई माला सिंह ने जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की। जिला प्रमुख ने यह भी उल्लेख किया कि चरणजीत सिंह दलित परिवार का था और आरोपी ने उसके साथ हत्या जैसा बर्ताव किया। शिकायत मिलने के बाद आईजी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीगंगानगर एसपी हरीशंकर को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। एसपी ने तुरंत एसआई माला सिंह को सस्पेंड कर दिया। एसपी हरीशंकर ने बताया- मामले की जांच चल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है। साथ ही पूरी घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।