श्रीगंगानगर की नई धानमंडी में कट्टे और बोरियों(बारदाने) की कमी के कारण एमएसपी पर गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी पड़ गई है। खरीद एजेंसी एफसीआई पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। इसके कारण गुरुवार को मंडी में केवल 15 हजार थैलों में ही गेहूं की खरीद हो सकी। हालांकि, आज बारदाना पहुंचने के कारण खरीद के काम में तेजी आई है। गुरुवार शाम को करीब एक लाख थैले बारदाना मंडी में पहुंचा, जो आज दोपहर को व्यापारियों में वितरित किया गया। लेकिन जैसे ही बारदाना खोला गया तो वह खराब और फटा हुआ निकला। इसे देखकर किसान और व्यापारी भड़क गए और खरीद केंद्र के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच सरकार ने भी गेहूं खरीद की समय सीमा एक महीना घटाकर 31 मई कर दी है। ऐसे में मंडी में बढ़ती आवक और धीमी खरीद से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में बारदाना एक साथ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया तेज हो सके। युद्ध के असर से ट्रांसपोर्ट प्रभावित कच्चा आढ़तिया संघ के अध्यक्ष रायसिंह कुलड़िया ने कहा- ईरान-अमेरिका-इजरायल के युद्ध के प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रांसपोर्टेशन प्रभावित हो रहा है। इसी कारण नया बारदाना समय पर नहीं पहुंच पा रहा। मंडी में फिलहाल बी-ग्रेड (यूज किया हुआ) बारदाना भेजा गया है, जो पुराना होने के कारण कई जगह से कटा-फटा है। मंडी में बारदाने की कमी के कारण गेहूं की ढेरियां बढ़ती जा रही हैं। समय पर उठाव नहीं होने से किसानों और व्यापारियों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। व्यापारियों ने निर्णय लिया कि एफसीआई द्वारा भेजे गए बारदाने को ठीक कर उसमें ही गेहूं भर दिया जाएगा, ताकि खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो। इसके बाद मंडी में फसल खरीद और बोरियों में भराई का काम फिर से तेजी से शुरू हो गया।