टोंक में 24 सेंटर पर एसआई भर्ती परीक्षा हो रही है। इन सेंटर पर कड़ी सुरक्षा के बीच कैंडिडेट्स को एंट्री दी गई। सेंटर के बाहर ही मंगलसूत्र और अन्य जेवरात उतरवाए गए। वहीं एक कैंडिडेट 13 मिनट देरी से पहुंची, जिसे एग्जाम में एंट्री देने से मना कर दिया। उसका कहना था​ कि बाइक खराब होने की वजह से वह देरी से पहुंची। सिक्योरिटी को देखते हुए कैंडिडेट्स के बटन वाले टीशर्ट तक उतरवा कर सेंटर में एंट्री दी गई। कैंडिडेट बोली- बाइक खराब होने की वजह से हुई देरी निवाई क्षेत्र के देवरी गांव से परिवजन के साथ आई सुनीता मीणा बाइक खराब होने से समय पर परीक्षा सेंटर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोठी नातमाम टोंक में नहीं पहुंच पाई। इसके चलते उसे प्रवेश नहीं दिया है। आंधे घंटे तक इंतजार करने के बाद वह गांव लौट गई। इसके अलावा भी तीन से चार स्टूडेंट देरी से पहुंचे थे, जिन्हें एंट्री नहीं दी गई। देवरी की सुनीता मीणा ने बताया वह परिजन के साथ आज सुबह परीक्षा देने के लिए रवाना हुई थी। रास्ते में बाइक खराब होने भी वजह से परीक्षा नहीं दे पाई। 67 प्रतिशत कैंडिडेट्स रहे अब्सेंट ADM रामरतन सौकरिया ने बताया किनपहली पारी में रजिस्टर्ड 9441 अभ्यर्थियों में से 6392 परीक्षार्थी ही एग्जाम देने पहुचे। 67.70 प्रतिशत अनुपस्थित रहे। सेकंड पारी में भी कुल रजिस्टर्ड 9441 में से 6368 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। 3073 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में पहली पारी के मुकाबले 24 अभ्यर्थी ज्यादा अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 67.45 प्रतिशत उपस्थित रहे। जिला मुख्यालय के 24 परीक्षा केन्द्रों पर 5 व 6 अप्रैल को सुबह11 से दोपहर 1 बजे एवं दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक दो पारियों में उप निरीक्षक व प्लाटून कमाण्डर की परीक्षा हुई। एडीएम रामरतन सौकरियां ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को लाख/कांच की पतली चूड़ियों के अलावा अन्य कोई जेवरात पहनकर नही जाने दिया। साथ ही घड़ी, धूप का चश्मा, बेल्ट, हैण्ड बैग, हेयर पिन, गण्डा/ताबीज, कैप/हेड, स्कार्फ, स्टॉल, शॉल, मफलर पहनकर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया। एडीएम रामरतन सौकरियां ने बताया कि पुरुष अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के शर्ट, टी-शर्ट, कुर्ता एवं पेंट, पायजामा और हवाई चप्पल, स्लीपर पहनकर आने वाले को ही प्रवेश दिया गया है। इसी तरह महिला अभ्यरथियों को भी सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता, ब्लाउज, हवाई चप्पल, स्लीपर पहनकर एवं बालों में साधारण रबर बैण्ड लगाकर आने वाली को ही प्रवेश दिया है।