सीकर की पॉक्सो कोर्ट- 1 ने 11 साल की मासूम से छेड़छाड़ करने के मामले में आरोपी को सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले में 58 साल के आरोपी को 5 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम से डेढ़ लाख रुपए दिलवाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिया है। यह फैसला आज जज विक्रम चौधरी ने सुनाया है। कोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा- एक अधेड़ उम्र के अभियुक्त द्वारा 11 साल की छोटी बालिका को जबरन पकड़कर अपनी दुकान के पास से अंदर कमरे में ले जाकर उसके साथ छेड़खानी करने का अपराध किया गया है। यदि इस तरह से राह चलती छोटी बालिकाओं के साथ दिनदहाड़े ही ऐसे अपराध होने लगे तो लोगों का न्याय और कानून से भरोसा ही उठ जाएगा। अतः सभ्य समाज की व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी प्रवृत्ति के लोगों पर रोक लगाना आवश्यक है ताकि ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति नहीं हो। दुकान के अंदर ले जाकर अश्लील हरकत की थी सरकारी वकील भवानी सिंह जेरठी ने बताया कि 22 अक्टूबर 2025 को सीकर जिले के एक पुलिस थाने में 11 साल की नाबालिग लड़की के पिता ने मुकदमा दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया था कि उनकी बेटी 21 अक्टूबर की शाम 5:30 से 6:30 बजे के बीच अपने दादाजी को दुकान पर छोड़कर वापस आ रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक 58 साल के बुजुर्ग ने जबरदस्ती पकड़ लिया और फिर अपनी दुकान के पास स्थित कमरे में लेकर चला गया। इसके बाद अश्लील हरकत की। आरोपी कमरे की कुंडी लगा रहा था। इस दौरान बच्ची बचकर भागकर निकली। घर पर रोते हुए आकर अपनी मां को पूरी घटना के बारे में बताया। पुलिस ने मामले की जांच कर उसके खिलाफ 4 दिसंबर 2025 को कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह और 17 डॉक्यूमेंट कोर्ट में पेश किए गए। जज विक्रम चौधरी ने आरोपी को 5 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है।