सिरोही के पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की उपयोगिता, सुरक्षा और समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि यह वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। बालिकाओं को दी स्वास्थ्य सुरक्षा की अहम जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. विवेक जोशी ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का एक प्रभावी माध्यम है। डॉ. जोशी ने समझाया कि समय रहते यह टीका लगवाने से बालिकाएं भविष्य में इस गंभीर बीमारी के जोखिम को कम कर सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समय-समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील भी की। अभिभावकों से सहयोग की अपील मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भबूता राम मेघवाल ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे इस अभियान में सकारात्मक सहयोग दें और अपनी बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए टीकाकरण को प्राथमिकता दें। उन्होंने छात्राओं से भी कहा कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और किसी भी समस्या होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें। सुरक्षित भविष्य की दिशा में अहम कदम स्कूल की प्रिंसिपल हीरा खत्री और पीएमसी प्रभारी गोपाल सिंह राव ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण बालिकाओं के सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गोपाल सिंह राव ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बालिकाओं को इस टीकाकरण अभियान से जोड़ें, ताकि उन्हें भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिल सके। छात्राओं ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दिए जवाब कार्यक्रम के दौरान वाइस प्रिंसिपल वर्षा त्रिवेदी, ममता कोठारी, कुसुम परमार, कल्पना चौहान, भारती सुथार सहित स्कूल स्टाफ मौजूद रहा। बड़ी संख्या में छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान छात्राओं ने स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और प्रभावी तरीके से समाधान किया। कार्यक्रम ने छात्राओं में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।