जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल की नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में रिटायर्ड होकर पे-माइनस पेंशन पर दोबारा आए डॉ. धनंजय अग्रवाल के लिए रातों-रात नई यूनिट बना दी। डॉ. धनंजय अग्रवाल को इसका हैड बनाकर आज एचओडी डॉ. विनय मल्होत्रा ने यूनिटों का बंटवारा कर दिया। सबसे बड़ा सवाल ये है कि जिस डॉक्टर को अजमेर मेडिकल कॉलेज में नियुक्त किया गया था, लेकिन आदेशों को निरस्त कर दिया गया। डॉक्टर को जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति दे दी। दरअसल, डॉ. धनंजय अग्रवाल को रिटायर्ड होने के बाद सरकार ने 22 जून को पे-माइनस पेंशन पर अजमेर मेडिकल कॉलेज में नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में नियुक्ति दी थी, लेकिन डॉ. अग्रवाल ने जॉइन नहीं किया। इसके बाद अजमेर में नियुक्ति के आदेश को चिकित्सा मंत्री के स्तर पर 6 जुलाई को निरस्त कर दिया गया। जयपुर एसएमएस कॉलेज में इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट में नियुक्ति दी गई। आज नई यूनिट बनाकर लगा दिया पद के विरूद्ध पहले तो मुख्यमंत्री के आदेश के विरूद्ध मंत्री के स्तर पर डॉ. अग्रवाल को जयपुर लगाया गया। जबकि नियमानुसार डॉ. अग्रवाल की फाइल को वित्त विभाग, कार्मिक विभाग और उसके बाद मुख्यमंत्री के स्तर पर भेजनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज में नेफ्रोलॉजी के एचओडी ने रातों-रात नई यूनिट बनाई और आज आदेश जारी करके डॉ. अग्रवाल को नेफ्रोलॉजी में यूनिट हैड बना दिया। नियमित प्रोफेसरों में रोष डिपार्टमेंट एचओडी के इस आदेश के बाद अब उन प्रोफेसरों और एसोसिएट प्रोफेसरों में नाराजगी बढ़ गई, जो यूनिट हैड बनने की दौड़ में थे। वे अब इस नियुक्ति के खिलाफ न्यायालय में जाने की तैयारी कर रहे है।