सवाई मानसिंह स्टेडियम स्थित अंतरराष्ट्रीय तरणताल, ऑल वेदर तरणताल और मिनी तरणताल में रोज अभ्यास करने वाले सैकड़ों खिलाड़ियों की सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 505 दिन में एक बार भी पानी की जांच नहीं कराई गई। राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद और मैसर्स देवा स्वीमिंगपूल के बीच हुए एमओयू में स्विमिंग पूल के पानी की गुणवत्ता की प्रतिदिन जांच, उसका रजिस्टर संधारित करने तथा समय-समय पर शासकीय प्रयोगशाला से परीक्षण कराकर रिपोर्ट परिषद को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद यदि पानी के टीडीएस, पीएच, क्लोरीन समेत अन्य गुणवत्ता मानकों की नियमित जांच नहीं हो रही है या उसका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो यह केवल एमओयू की शर्तों का उल्लंघन नहीं बल्कि खिलाड़ियों की सेहत के साथ गंभीर लापरवाही का मामला है। दूसरी ओर, खिलाड़ियों से प्रशिक्षण शुल्क के साथ जीएसटी वसूले जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उपलब्ध एमओयू में इसकी स्पष्ट व्यवस्था का उल्लेख नहीं किया गया है। एमओयू में रोज पानी की जांच अनिवार्य एमओयू की शर्त संख्या 19 और 20 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि तरणताल के पानी की शुद्धता निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखना संवेदक की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए फिल्टर प्लांट का नियमित रख-रखाव, आवश्यक केमिकल्स का उपयोग और प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके अलावा प्रत्येक दिन किए जाने वाले पानी की जांच का रजिस्टर संधारित करना, समय-समय पर किसी मान्यता प्राप्त शासकीय प्रयोगशाला से पानी की जांच करवाना तथा उसकी एनालिसिस रिपोर्ट मासिक अथवा त्रैमासिक रूप से क्रीड़ा परिषद को उपलब्ध कराना भी संवेदक की अनिवार्य जिम्मेदारी तय की गई है। पानी की गुणवत्ता सही नहीं होने से फैल सकता है संक्रमण पानी की जांच नियमित नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसएमएस के चर्म एवं रति रोग विभाग के डॉ. पुनीत भार्गव ने बताया कि बैक्टिरियल इंफेक्शन फैल सकता है, वायरल डिजिज भी होने का डर रहता है। ह्यूमिडिटी में फंगल होते हैं ऐसे में वह भी हो सकती है। पानी चेंज नहीं करने से इंफेक्शन का डर रहेगा। दाने, खुजली जैसी समस्याएं भी हो सकती है। पूल का संचालन एमओयू के नियमानुसार होना चाहिए, अगर टीडीएस की जांच रोज होना जरूरी हैं तो करनी होगी। अगर किसी खिलाड़ी एवं यहां पर तैयारी करने वाले व्यक्ति की ओर से शिकायत आती है। तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -राजकेश मीना, सचिव क्रीड़ा परिषद