शहर के अग्रसेन पुलिया के पास गुरुवार रात बछड़े का कटा हुआ सिर और पैर मिलने के मामले में। विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा पुलिस को दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद, कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने शहर के हॉप सर्कस पर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के पश्चात 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: विहिप विहिप के प्रांत सह प्रमुख प्रेम सिंह राजावत ने कहा कि समिति ने पुलिस प्रशासन के सामने स्पष्ट रुख रखा है। उन्होंने मांग की है कि शहर में गौ-तस्करी और गौ-कशी की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाया जाए। राजावत ने कहा लोकतंत्र में संवैधानिक मूल्यों की पालना होनी चाहिए। शहर में बिना लाइसेंस के चल रही मीट की दुकानों पर तत्काल कार्यवाही हो। जो लोग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, पुलिस उन्हें चिन्हित कर सख्त कदम उठाए।" उन्होंने आगे कहा कि पुलिस की अब तक की जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं, इसीलिए वे अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के पास पहुंचे हैं। इस पूरे मामले पर एडिशनल एसपी प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि विहिप की समिति से सकारात्मक बातचीत हुई है और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया गया है। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला है कि गोवंश के अवशेष वहां पहले से मौजूद थे, जिन्हें आवारा कुत्तों द्वारा इधर-उधर ले जाया गया था। पुलिस ने इस मामले में पहले ही एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। पुलिस प्रशासन ने शहरवासियों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। कहा जो भी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ेगा उसपर कढ़ी कार्यवाही होगी।