गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया। पेपर लीक के खिलाफ वे 27 दिन से अनशन थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। अनशन समाप्त होने के बाद वांगचुक ने इसका वीडियो जारी किया। इसमें वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने के बारे में बताया। कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह आश्वासन दिया कि वे संसद में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नीट (NEET) पेपर लीक मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे। पिछले दो दिनों से सरकार के साथ कड़ी बातचीत चल रही थी। वे चाहते थे कि आश्वासन केवल मौखिक न होकर लिखित में हो। लिखित पत्र मिलने के बाद ही उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया। इसके अलावा सरकार से उनकी तीन बातों पर भी सहमति बनी है। उधर, इस वीडियो में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है। राजनीति के जानकारों की माने तो अब इस मामले में सीजेपी और वांगचुक का रूख अलग हो गया है। 2 मिनट 56 सेकेंड के वीडियो में सोनम वांगचुक की हुबहू कही गईं बातें… "नमस्कार दोस्तों, आज 26वें दिन मैं आप लोगों को कुछ खास खबर बताना चाहूंगा। अभी रात के लगभग 12:30 बज रहे हैं। अभी थोड़ी देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा साहब और जितेंद्र सिंह साहब यहां आए थे और लद्दाख के एपेक्स बॉडी के शीर्ष नेतागण भी यहां आए थे। आप लोगों को मालूम है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने आकर और हस्ताक्षर देकर हमसे अनशन तोड़ने के लिए कहा और वो संसद में इस मुद्दे (नीट पेपर्स और परीक्षाओं की प्रणाली) पर चर्चा करेंगे, ये आश्वासन दिया। और जो सरकार की तरफ से मंत्रीगण आए थे, उन्होंने भी ये आश्वासन दिया, जिसका कि दो दिन से हम बहुत ही कड़ा या यूं कहें कि एक तरह का बारगेन चल रहा था कि मुझे आश्वासन चाहिए और लिखित में चाहिए और इसमें दो दिन लगे और मुझे इसलिए अनशन पर दो दिन और बैठना पड़ा, और ज्यादा भी बैठ जाता तो... आखिर में आज उन्होंने लिखकर आश्वासन दिया है।" केंद्रीय मंत्री ने पढ़कर सुनाया सरकार का पत्र "Government is positive on not registering cases against those protesting peacefully at Jantar Mantar in Delhi and those participating in the march to the parliament on July 20, 2026. Government has already assured threadbare discussions to find solutions to paper leaks and educational reforms for exams in the Parliament. Besides, Government is also positively considering suitable compensations for the suicide victims of recent NEET paper leaks." "दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों तथा 20 जुलाई, 2026 को संसद मार्च में भाग लेने वालों के खिलाफ मामले (केस) दर्ज न करने को लेकर सरकार का रुख सकारात्मक है। सरकार संसद में पेपर लीक के समाधान और परीक्षाओं के लिए शैक्षणिक सुधारों पर गहन (विस्तृत) चर्चा का आश्वासन पहले ही दे चुकी है। इसके अलावा, सरकार हाल ही में हुए NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ितों के परिवारों के लिए उपयुक्त मुआवजे पर भी सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।" अनशन तुड़वाते समय इस तरह हुई बातचीत मंत्री: "ये हमारे साइड से है..." सोनम वांगचुक: "थैंक यू, थैंक यू। I have my leaders from the Apex Body of Ladakh and the KDA were also here and they have flown all the way from Ladakh..." (सब लोग सोनम वांगचुक को शॉल पहनाते हैं और जूस का कप देते हैं) सोनम वांगचुक: "थैंक यू सर, थैंक यू..." पीछे से आवाज: "After 26 days..." सोनम वांगचुक (हंसते हुए जूस पीकर): "After 26 days, this tastes very good, but hunger doesn't taste bad either"। (26 दिनों बाद इसका स्वाद बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन भूख का स्वाद भी बुरा नहीं होता) वीडियो में वांगचुक ने अनशन तोड़ने के बारे में ये बातें बताईं… सरकार से 3 मुख्य बातों पर सहमति बनी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और वांगचुक का रूख अलग दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बीच अब मांगों को लेकर अलग रूख दिखने लगी है। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे राजनीतिक संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेताओं का पूरा ध्यान इस समय इस बात पर केंद्रित है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। पार्टी इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर सरकार की पूरी जवाबदेही तय करने पर अड़ी है। वहीं, अस्पताल के बेड से जारी अपनी चिट्ठी और वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने एक अलग रुख अपनाया है। वांगचुक की प्राथमिकता राजनीतिक इस्तीफों के बजाय आंदोलन में शामिल युवाओं का भविष्य बचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार ने उनकी मांग मान ली है, इसलिए वे अनशन खत्म कर रहे हैं। डॉक्टरों की टीम कर रही देखभाल बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किए गए वांगचुक को आईसीयू में रखकर डॉक्टरों की एक स्पेशल मल्टी डिसिपलिनरी टीम की देखरेख में इलाज किया जा रहा है। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संजय दुरानी की ओर से जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सोनम वांगचुक की स्थिति पूरी तरह स्टेबल और वे पूरी तरह होश में है। उन्होंने स्पष्ट किया गया है कि उनके सभी वाइटल साइंस स्वीकृत मापदंडों के भीतर हैं और उन्हें दिया जा रहा सारा इलाज उनकी सहमति के आधार पर ही किया जा रहा है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. गुरुग्राम-वांगचुक से मिलने पहुंचे 15 सांसदों को पुलिस ने रोका:मेडिकल टीम से हेल्थ अपडेट लेकर लौटे; सोनम ने VIDEO जारी कर अनशन तोड़ने की शर्त बताई छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती है, जहां उनका इलाज जारी है। बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और समाजवादी पार्टी के 15 विपक्षी सांसद मेदांता पहुंच गए। (पूरी खबर पढ़ें)