शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी लगातार जारी है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार 1 से 26 जून के बीच 26 दिनों में 90,675 चालान किए गए। यानी प्रतिदिन औसतन 3,487, हर घंटे करीब 145 और हर मिनट 2 से अधिक वाहन चालक नियम तोड़ते पकड़े गए। सबसे अधिक उल्लंघन ओवरस्पीडिंग का सामने आया। इस अवधि में 37,418 वाहन निर्धारित 60 किमी प्रति घंटे की गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलते मिले। यानी प्रतिदिन औसतन 1,439 वाहन ओवरस्पीड मिले, जबकि औसतन हर मिनट एक वाहन तय सीमा से अधिक रफ्तार में पकड़ा गया। यह स्थिति बताती है कि सड़क हादसों की प्रमुख वजह मानी जाने वाली ओवरस्पीडिंग पर चालक अब भी गंभीर नहीं हैं। नो-पार्किंग के सबसे ज्यादा 8,334 चालान ओवरस्पीडिंग के बाद नो-पार्किंग के 8,334, बिना हेलमेट 6,518, काली फिल्म लगे वाहनों के 6,172, रेड लाइट जंप के 5,789 और बाइक पर तीन सवारी बैठाकर चलाने के 5,783 चालान किए गए। इससे स्पष्ट है कि रोजमर्रा के ट्रैफिक नियमों का भी बड़ी संख्या में उल्लंघन हो रहा है। ट्रैफिक रिपोर्ट के अनुसार बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने पर 2,053, बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों पर 1,991, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 1,532, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने पर 1,283 तथा नो-एंट्री में प्रवेश करने पर 797 चालान किए गए। यानी प्रतिदिन औसतन 49 बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहन, 59 गलत दिशा में चलने वाले वाहन, 76 मोबाइल पर बात करते चालक और 31 वाहन नो-एंट्री में प्रवेश करते पकड़े गए। कानून का उल्लंघन है, अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा; ये आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किसी एक श्रेणी तक सीमित नहीं है। बिना हेलमेट दोपहिया चलाना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना और बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहन सड़क पर उतारना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। शहर में नियमों की पालना जरूरी है। वाहन चालकों को यह समझना होगा कि स्टॉप लाइन और शहर की निर्धारित गति सीमा का पालन करना जरूरी है। नियम तोड़ने पर आर्थिक नुकसान होना तय है। -योगेश गोयल, ट्रैफिक डीसीपी